नई दिल्ली : सरकार ने तेल कंपनियों को हर महीने सब्सिडी युक्त एलपीजी की कीमत चार रुपए बढ़ाने के लिए कहा है। सरकार अगले वर्ष मार्च तक एलपीजी पर पूरी सब्सिडी खत्म करना चाहती है। तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को यह बात कही।
इसके पहले सरकार ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम से प्रत्येक महीने सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के दाम 2 रुपए बढ़ाने के लिए कहा था। धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा को दिए गए एक लिखित जवाब में बताया कि अब कीमत बढ़ोतरी को दोगुना कर दिया गया है, जिससे सब्सिडी खत्म किया जा सके। हर घर को एक साल में सब्सिडाइज्ड रेट्स पर 12 सिलेंडर मिलते हैं. इसके बाद लिए जाने वाले सिलेंडर बाजार की दर पर मिलते हैं।
दिल्ली में अभी 14.2 किलोग्राम वाला सब्सिडाइज्ड एलपीजी 477.46 रुपये पर मिलता है। जबकि पिछले साल जून में यह 419.18 रुपये पर था। वहीं, मार्केट रेट पर मिलने वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम अभी 564 रुपये है। प्रधान ने बताया कि जुलाई में एलपीजी पर सब्सिडी प्रति सिलेंडर 86.54 रुपये थी। देश में सब्सिडाइज्ड एलपीजी के 18.11 करोड़ कस्टमर्स हैं। इनमें 2.5 करोड़ गरीब महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें पिछले एक साल के दौरान प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत फ्री कनेक्शंस दिए गए थे। नॉन-सब्सिडाइज्ड कुकिंग गैस के यूजर की संख्या अभी 2.66 करोड़ है।
कीमत बढ़ाने के फैसले की ममता ने की आलोचना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सब्सिडी वाली रसोईं गैस की कीमत में बढ़ोतरी के नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले की आज आलोचना की और कहा कि ‘भाजपा को सिर्फ धन की परवाह है।’तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता से किए अपने वादों से पलट रही है और उसे लोगों की कोई फिक्र नहीं है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘भाजपा जनता से वादा करती है और फिर इनसे पलट जाती है। उन्हें सिर्फ धन की परवाह है।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुझे आम लोगों की चिंता है। पहले भी एलपीजी पर सब्सिडी वापस ली गई और फिर ऐसा किया गया। भाजपा को जनता की कोई फिक्र नहीं है।’


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