उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि देश ने एक बड़े बुद्धिजीवी और देशभक्त को खो दिया है। जेठमलानी का रविवार को निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे।
उपराष्ट्रपति सचिवालय ने ट्वीट किया, ‘‘श्री राम जेठमलानी के निधन का समाचार सुनकर बहुत दुख हुआ। भारत के बेहतरीन बुद्धिजीवी। उनके निधन से भारत ने एक विशिष्ट न्यायविद, एक बड़े बुद्धिजीवी और एक देशभक्त को खो दिया जो अंतिम सांस तक सक्रिय रहे।’’

जेठमलानी का जन्म सिंध प्रांत के सिखारपुर में 14 सितंबर 1923 को हुआ था। वह पहली बार 1959 में के.एम नानावती बनाम महाराष्ट्र सरकार का मामला लड़ने के बाद चर्चित हुए थे। उन्होंने राजीव गांधी के हत्यारों के पक्ष में भी केस लड़ था और शेयर बाजार घोटाले में हर्षद मेहता तथा केतन पारेख का मामला भी लड़ था।
उनके बेटे ने बताया कि कुछ दिन बाद 14 सितंबर को राम जेठमलानी का 96वां जन्मदिन आने वाला था। महेश ने बताया कि उनके पिता का अंतिम सरकार यहां लोधी रोड स्थित शवदाहगृह में शाम को किया जाएगा।


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