Operation Prahar-2: पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि अपराध, गैंगस्टरवाद और नशे के लिए अब इस राज्य में कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू हुआ ऑपरेशन प्रहार-2 केवल एक पुलिस अभियान नहीं, बल्कि उस राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रमाण है जो पिछले चार वर्षों में पंजाब की कानून व्यवस्था की पहचान बन चुकी है।

Punjab News: गैंगस्टरों के खिलाफ पंजाब पुलिस का शिकंजा
72 घंटे के इस विशेष महाअभियान में पंजाब पुलिस पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है। डीजीपी गौरव यादव की अगुवाई में पूरे प्रदेश में एक साथ छापेमारी, नाकाबंदी और धरपकड़ चल रही है। पंजाब सीएम भगवंत सिंह मान खुद इस ऑपरेशन निगरानी कर रहे हैं। वहीं, सीएम भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी खुद जिलों की निगरानी कर रहे हैं, जिससे यह साफ है कि सरकार इस बार किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं है।
Operation Prahar-2: छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद
हाई-टेक नाके, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई और किसी भी घटना के बाद पूरे इलाके को सील करने की रणनीति ने अपराधियों के लिए हर रास्ता बंद कर दिया है। इससे पहले जनवरी में चले पहले ऑपरेशन प्रहार ने पंजाब की कानून व्यवस्था की दिशा बदल दी थी। 72 घंटे के उस अभियान में 3,256 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, 69 अवैध हथियार बरामद किए गए थे और पटियाला व फाजिल्का में गैंगस्टरों के साथ एनकाउंटर तक हुए थे।

पहले ही दिन 1,314 और दूसरे दिन 1,186 गैंगस्टर और उनके सहयोगी पकड़े गए थे। उस समय 12,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 1,200 से ज्यादा टीमें एक साथ मैदान में उतरी थीं, जो अपने आप में पंजाब के इतिहास का सबसे बड़ा समन्वित पुलिस ऑपरेशन माना गया।
Punjab News: गैंगस्टर और सहयोगियों की गिरफ्तारी जारी
प्रहार-टू इन आंकड़ों से भी आगे जाता दिख रहा है। सिर्फ पिछले 20 दिनों में पूरे पंजाब में 17,603 छापेमारी की गईं, 5,290 गैंगस्टर और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया, 128 हथियार बरामद हुए और 344 घोषित भगोड़े अपराधियों को पकड़ा गया। इसके अलावा 2,973 लोगों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई, जिससे अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से कमजोर किया जा सके। यह डेटा बताता है कि मान सरकार ने कानून व्यवस्था को लेकर “रिएक्शन” नहीं, बल्कि “प्रिवेंशन” की नीति अपनाई है।
Operation Prahar-2: नशे के खिलाफ प्रशासन का सख्त एक्शन
गैंगस्टरों के साथ-साथ नशा माफिया पर भी मान सरकार का एक्शन लगातार जारी है। ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से अब तक 48,167 नशा तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस दौरान 2,149 किलो हेरोइन बरामद की गई है और 15.91 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई है। 33,779 एफआईआर दर्ज होना यह दिखाता है कि सरकार आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, बल्कि ज़मीनी कार्रवाई पर भरोसा कर रही है।
Punjab News: नशा तस्करों की गिरफ्तारी तेज
मार्च 2025 से अब तक हजारों नशा तस्करों की गिरफ्तारी, टन के हिसाब से हेरोइन की बरामदगी और करोड़ों की ड्रग मनी जब्ती ने उस तंत्र को तोड़ा है, जो दशकों तक पंजाब की युवाओं की पीढ़ियों को बर्बाद करता रहा। यह वही तंत्र था जिसे कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन सरकारों के दौर में राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा और आम आदमी उसकी कीमत चुकाता रहा।
आज फर्क साफ दिखाई देता है।

जिस पंजाब को पहले अपराध और नशे से जोड़कर देखा जाता था, वही पंजाब अब सख्त कानून व्यवस्था का उदाहरण बन रहा है। आंकड़े बताते हैं कि कुल अपराध दर में हरियाणा की स्थिति पंजाब से करीब तीन गुना ज्यादा खराब है। यह अंतर किसी संयोग से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति, ईमानदार नेतृत्व और ज़ीरो टॉलरेंस अप्रोच से पैदा हुआ है।
Operation Prahar-2: राज्य सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का संदेश बिल्कुल साफ है, किसी भी मां का बेटा नशे या गैंगस्टरवाद की भेंट नहीं चढ़ेगा। यही वजह है कि आज पंजाब में अपराधियों में डर है और आम लोगों में भरोसा। सरकार ने जनता से भी अपील की है कि वे हेल्पलाइन 93946-93946 पर गुप्त रूप से जानकारी दें, ताकि इस जंग में समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित हो सके। ऑपरेशन प्रहार-2 यह साबित करता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार में पंजाब सिर्फ दावों से नहीं, बल्कि मजबूत कानून व्यवस्था, सख्त कार्रवाई और सुरक्षित भविष्य की ठोस नींव से आगे बढ़ रहा है।






















