विपक्षी दलों की बुधवार को होने वाली की बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर बातचीत होने होने की संभावना नहीं है और अब पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों पर वायुसेना की कार्रवाई को लेकर मुख्य रूप से चर्चा हो सकती है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ वायुसेना की महत्वपूर्ण कार्रवाई प्रमुख विषय है और विपक्षी दल फिलहाल इसी को लेकर बातचीत करेंगे।
वैसे, सरकार की ओर से मंगलवार को बुलाई गई बैठक में कांग्रेस समेत सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने आतंकवाद के खात्मे के लिए सरकार एवं सुरक्षा बलों के साथ खड़े रहना भरोसा दिया। वामपंथी दलों ने इसकी पुष्टि की है कि कांग्रेस के साथ सहमति बनी है कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम की बात बैठक के एजेंडे में फिलहाल नही होगी।
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विपक्षी दलों की बैठक में तेलुगू देसम पार्टी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी तथा कुछ अन्य दलों के नेता शामिल हो सकते हैं।
विपक्ष के एक नेता ने कहा, “समस्या यह है कि अगर बैठक नहीं होगी तो यह संदेश जाएगा कि हमने भाजपा के लिए मैदान खुला छोड़ दिया है। शुरुआत से हम कह रहे हैं कि बैठक पुलवामा हमले पर होनी चाहिए।” इससे पहले, 13 फरवरी को विपक्षी दलों के नेताओं ने फैसला किया कि वे न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय करेंगे ताकि लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ वे मजबूती से लड़ सकें।


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