भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की अगुवाई में आयोजित एकजुट विपक्षी रैली को, “स्वहित एवं परस्पर विरोधी विचारधाराओं की रैली” बताया और देश में अगली सरकार बनाने का भरोसा जताया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने यहां पार्टी कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में रैली को मोदी विरोधी अभियान करार दिया और कहा कि पार्टी ऐसे कार्यक्रमों से डरती नहीं है।
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बनर्जी ने शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ कोलकाता में “एकजुट भारत” रैली का आयोजन किया। इस रैली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, तेदेपा नेता एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी शामिल हुए।
रूड़ी ने कहा, “न जाने एकता को कहां खतरा है। ममता इसे एकजुट भारत कह रही हैं लेकिन हम स्पस्ट तौर पर इसे एक विभाजित नेतृत्व के तौर पर देखते हैं। यह विरोधाभासों एवं संघर्ष का सम्मेलन है। वे नये मोर्चे की बात करते हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह कोई दूसरा या तीसरा मोर्चा भी है।”
उन्होंने कहा कि रैली ने विपक्षी खेमे के मतभेदों को भी उजागर कर दिया जहां इनमें से कई दल एक-दूसरे पर छींटाकशी करते दिखे। रूड़ी ने कहा कि लोगों ने नरेंद्र मोदी सरकार का काम देखा है और भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ अगली सरकार बनाएगी।


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