छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को चार नक्सलियों के मारे जाने के कुछ घंटों बाद इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा बल वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। हमारे सुरक्षा बल नक्सलियों से मजबूती से लड़ रहे हैं और डबल इंजन वाली सरकार भी हमें लाभ पहुंचा रही है। मैं शहीद हुए अधिकारी की आत्मा की शांति की कामना करता हूं,सीएम साय ने यहां संवाददाताओं से कहा।
बस्तर के महानिरीक्षक पी सुंदरराज के अनुसार, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर दक्षिण अबूझमाड़ वन क्षेत्र में संयुक्त नक्सल विरोधी तलाशी अभियान के दौरान चार नक्सली मारे गए। सुंदरराज के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के हेड कांस्टेबल सन्नू करम भी शहीद हो गए। बस्तर के आईजी ने बताया कि शुक्रवार को अबूझमाड़ क्षेत्र में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर और कोंडागांव जिलों की डीआरजी टीमों के साथ समन्वय में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा अभियान चलाया गया। शनिवार शाम को शुरू हुई मुठभेड़ में चार वर्दीधारी नक्सली मारे गए। सुंदरराज ने बताया कि तलाशी के दौरान एके-47 और एसएलआर समेत स्वचालित हथियार बरामद किए गए।
इस बीच, एक करोड़ रुपये के इनामी विमला चंद्र सिदम उर्फ तारक्का समेत 11 नक्सलियों ने इस महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। 8 महिलाओं और 3 पुरुषों समेत 11 नक्सलियों ने गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इन पर इनाम घोषित किया था। आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य जोनल कमेटी की प्रमुख और 34 साल से नक्सलवाद में शामिल भूपति की पत्नी तारक्का सिदाम भी शामिल थी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में तीन डिवीजन कमेटी के सदस्य, एक डिप्टी कमांडर और दो एरिया कमेटी के सदस्य शामिल थे। इनमें से प्रत्येक को उनके नए जीवन को सहारा देने के लिए 86 लाख रुपये की वित्तीय सहायता पैकेज प्रदान किया गया।


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