Pariksha Pe Charcha 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) 2026 के दौरान देशभर के छात्रों के साथ एक जीवंत और इंटरैक्टिव सेशन किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा के तनाव से निपटने, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास और सपनों को पूरा करने के तरीकों पर खुलकर बात की। यह संवाद देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली स्थित 7, लोक कल्याण मार्ग से ‘एग्जाम वॉरियर्स’ के साथ हुआ।
PM Modi PPC 2026 Speech Time: पढ़ाई का अपना पैटर्न जरूरी, नकल नहीं: पीएम मोदी
गुजरात की एक छात्रा के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि हर छात्र का पढ़ाई करने का तरीका अलग होता है और उसी पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे परिवार में हर व्यक्ति का खाना खाने का पैटर्न अलग होता है, वैसे ही पढ़ाई का भी हर किसी का अपना पैटर्न होता है। दूसरों की सलाह जरूर सुनें, लेकिन बिना सोचे-समझे उसकी नकल न करें।
PM Modi Tips 2026: ‘प्रधानमंत्री हूं, फिर भी सलाह मिलती रहती है’
प्रधानमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री बन गया हूं, फिर भी लोग मुझे बताते रहते हैं कि क्या और कैसे करना चाहिए। लेकिन सबका अपना तरीका होता है।” उन्होंने बताया कि PPC का फॉर्मेट भी समय के साथ बदला गया, राज्यों तक इसका विस्तार किया गया, लेकिन मूल सोच वही रही—छात्रों से जुड़ाव।
स्पीड और पढ़ाई पर सलाह, टीचर्स की भूमिका अहम
आयुष नाम के छात्र के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई में स्पीड बनाए रखना केवल छात्रों की जिम्मेदारी नहीं है। शिक्षकों को भी छात्रों की मानसिक क्षमता को समझते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे किसान खेतों का ध्यान रखते हैं, वैसे ही छात्रों के दिमाग का पोषण करना जरूरी है।
असमिया गमछा, स्थानीय भाषा और खास पल
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों को असमिया पारंपरिक हाथ से बुने हुए स्कार्फ भेंट किए और उनकी स्थानीय भाषाओं में अभिवादन किया। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया। एक हल्के-फुल्के पल में एक छात्र ने बताया कि उसका जन्मदिन पीएम मोदी के जन्मदिन के साथ पड़ता है, जिस पर प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए बातचीत की और माहौल को यादगार बना दिया।
पीएम मोदी ने लिया हनुमान और अभिमन्यू का नाम
बता दें कि परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम मोदी ने हनुमान और अभिमन्यु का उदाहरण देकर छात्रों को अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर छात्र के भीतर ताकत और क्षमता होती है, बस उसे पहचानने की जरूरत है, जैसे हनुमान को अपनी शक्ति का एहसास कराया गया था। वहीं अभिमन्यु के उदाहरण से पीएम ने समझाया कि अधूरी जानकारी और जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है। इसलिए परीक्षा के समय खुद पर भरोसा बनाए रखें और सही समझ के साथ आगे बढ़ते रहे।
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण के दौरान छात्रों से बातचीत की।
उन्होंने कहा, “…सिर्फ इसलिए समय बर्बाद न करें क्योंकि भारत में इंटरनेट सस्ता है। मैंने सट्टेबाजी के खिलाफ कानून बनाया है। हम देश में ऐसा नहीं होने देंगे लेकिन गेमिंग एक स्किल… pic.twitter.com/ljiwLgkWx6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 6, 2026
Pariksha Pe Charcha 2026 : पीएम मोदी ने किया पंचतंत्र का जिक्र
- पीएम मोदी के टॉप 5 ‘एग्जाम मंत्र’
- परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं.
- प्रतिस्पर्धा खुद से, न कि दूसरों से.
- डिजिटल फास्टिंग: तकनीक का सही उपयोग.
- मुश्किल काम पहले निपटाएं.
- एग्जाम वॉरियर बनें, रट्टू तोता नहीं.
क्या है परीक्षा पे चर्चा और कब हुई शुरुआत?
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम की शुरुआत साल 2018 में हुई थी, जिसका उद्देश्य परीक्षा के तनाव को कम करना और पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि स्वाभाविक प्रक्रिया बनाना है। हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले पीएम मोदी छात्रों और अभिभावकों से संवाद करते हैं। साल 2026 में आयोजित यह कार्यक्रम इसका 9वां संस्करण है, जिसने छात्रों में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को और मजबूत किया।


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