Parliament Paternity Leave Discussion: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद Raghav Chadha ने एक अहम मुद्दे को संसद में उठाते हुए पिताओं के अधिकारों पर जोर दिया है। उन्होंने पैटरनिटी लीव (पिता बनने पर मिलने वाली छुट्टी) को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाने की मांग की है। उनका मानना है कि जैसे माताओं को मैटरनिटी लीव मिलती है, उसी तरह पिताओं को भी बच्चे की देखभाल के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
Parliament Paternity Leave Discussion: पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग

राघव चड्ढा अपने बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने देशभर के पिताओं की आवाज बनकर संसद में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पैटरनिटी लीव सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि एक अधिकार होना चाहिए। इसे कानून के जरिए लागू किया जाना जरूरी है ताकि हर पिता अपने नवजात बच्चे और परिवार के साथ समय बिता सके।
संसद में क्या बोले राघव चड्ढा?
संसद में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि वे खुद के लिए भी पैटरनिटी लीव की मांग कर रहे हैं। उनका कहना था कि जब किसी घर में बच्चे का जन्म होता है, तो यह खुशी सिर्फ मां के लिए ही नहीं, बल्कि पिता के लिए भी उतनी ही खास होती है। ऐसे में दोनों की जिम्मेदारी भी बराबर होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मां को बच्चे की देखभाल के लिए छुट्टी मिलती है, तो पिता को भी वही अवसर मिलना चाहिए ताकि वह परिवार की जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभा सके।
Raghav Chadha on Paternity Leave: पिता की भूमिका को मजबूत करने की जरूरत

राघव चड्ढा ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चे की परवरिश केवल मां की जिम्मेदारी नहीं है। पिता की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अगर कानून के जरिए माताओं को जिम्मेदारी दी जाती है, तो पिताओं को भी कानूनी रूप से इस जिम्मेदारी में शामिल किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि अगर पिताओं को पैटरनिटी लीव नहीं दी जाती, तो समाज में यह गलत संदेश जाता है कि बच्चे की देखभाल सिर्फ मां का काम है। यह सोच बदलने की जरूरत है।
परिणीति चोपड़ा ने जताया गर्व
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राघव चड्ढा के इस बयान का वीडियो उनकी पत्नी Parineeti Chopra ने सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने अपने पति की इस पहल की सराहना की और गर्व व्यक्त किया। परिणीति ने लिखा कि उनके पति ने संसद में सिर्फ एक सांसद के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार पिता के रूप में अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को अपने जीवन की शुरुआत में माता और पिता दोनों का पूरा साथ मिलना चाहिए।
समाज में बदलाव का संकेत
राघव चड्ढा की यह मांग केवल एक नीति परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज में सोच बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अगर पैटरनिटी लीव को कानूनी रूप दिया जाता है, तो इससे परिवार और समाज दोनों में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। यह पहल न केवल पिताओं को उनके अधिकार दिलाने में मदद करेगी, बल्कि बच्चों के बेहतर पालन-पोषण में भी योगदान देगी।
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