Passport Fee Hike 2026: नागरिकता प्रमाण को लेकर देशभर में बहस चल रही बहस के बीच नया पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। दरअसल, विदेश मंत्रालय ने 14 साल बाद Passport Rules, 1980 में संशोधन कर पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए इसे अगले महीने से ही लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार द्वारा पासपोर्ट नियमों में संशोधन किए जाने के बाद नई फीस 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। ऐसे में जो लोग पुराने शुल्क पर पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, उनके पास 30 जून तक का ही समय बचा है। नई व्यवस्था के तहत 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस बढ़ा दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहले इसके लिए 1,500 रुपये देने पड़ते थे, लेकिन अब इसके लिए 2,500 रुपये शुल्क (New Passport Charges India) देना होगा। यानी आवेदकों पर 1,000 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। वहीं, तत्काल सेवा के जरिए पासपोर्ट बनवाने वालों को अब पहले से ज्यादा रकम चुकानी होगी। तत्काल श्रेणी में 36 पेज वाले पासपोर्ट की फीस 3,500 रुपये से बढ़कर 5,000 रुपये कर दी गई है।
Passport Fees Increased From July 1: 60 पेज वाले पासपोर्ट भी हुए महंगे

जो लोग विदेश यात्रा अधिक करते हैं और 60 पेज वाला पासपोर्ट बनवाते हैं, उन्हें भी अब ज्यादा शुल्क देना होगा। इस श्रेणी में सामान्य आवेदन के लिए फीस 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दी गई है। वहीं तत्काल सेवा के तहत 60 पेज का पासपोर्ट बनवाने पर अब 6,000 रुपये देने होंगे। पहले इसकी फीस 4,000 रुपये थी।
India Passport Rules 2026: खोया या खराब हुआ पासपोर्ट तो ज्यादा खर्च
यदि किसी व्यक्ति का पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है और उसे दोबारा जारी करवाना पड़ता है, तो उसके लिए भी नई फीस लागू होगी। 36 पेज वाले पासपोर्ट के री-इश्यू के लिए सामान्य शुल्क 5,000 रुपये और तत्काल शुल्क 7,500 रुपये तय किया गया है। वहीं 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 6,000 रुपये और तत्काल शुल्क 8,500 रुपये होगा।
नाबालिगों के लिए नई फीस

18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी पासपोर्ट शुल्क में बदलाव किया गया है। 36 पेज वाले नए या दोबारा जारी होने वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 1,750 रुपये रखा गया है, जबकि तत्काल सेवा के लिए 4,250 रुपये देने होंगे। अगर किसी बच्चे का पासपोर्ट खो जाए या खराब हो जाए, तो उसे दोबारा जारी कराने के लिए सामान्य श्रेणी में 4,250 रुपये और तत्काल सेवा में 6,750 रुपये खर्च करने होंगे।
अन्य सेवाओं की फीस
सरकार ने कुछ अन्य पासपोर्ट संबंधी सेवाओं की फीस भी तय की है। सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 1,000 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और अन्य पासपोर्ट आधारित प्रमाणपत्रों के लिए 750 रुपये फीस निर्धारित की गई है।
बच्चों और बुजुर्गों को राहत
सरकार ने 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली 10 प्रतिशत शुल्क छूट जारी रखी है। हालांकि यह छूट केवल नए पासपोर्ट आवेदन पर मिलेगी। पासपोर्ट के री-इश्यू या अन्य सेवाओं पर यह सुविधा लागू नहीं होगी।
नागरिकता को लेकर भी चर्चा तेज
पासपोर्ट फीस बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब नागरिकता प्रमाण को लेकर देशभर में बहस चल रही है। हाल ही में सरकार ने स्पष्ट किया था कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि नागरिकता साबित करने के लिए किन दस्तावेजों को मान्यता मिलेगी। ऐसे में यदि आप पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो 30 जून से पहले आवेदन कर पुराने शुल्क का लाभ उठा सकते हैं।
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