लोकजनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान ने आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर दलितों के खिलाफ अत्याचार पर कानून के मूल प्रावधानों को बहाल करने के लिए अध्यादेश लाने की मांग की। उन्होंने समुदाय के लिए पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने की भी मांग की। केंद्रीय मंत्री पासवान ने कहा कि उन्होंने बिहार को विशेष श्रेणी का दर्जा देने का मुद्दा भी उठाया ।
उन्होंने कहा कि सबसे गरीब राज्यों में एक होने के कारण बिहार इसका हकदार है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से यह मांग उठा रहे हैं। पासवान ने कहा, “बिहार सबसे गरीब राज्यों में एक है। कई राज्य इसकी मांग कर रहे हैं । बिहार इसका हकदार है।” पासवान के साथ उनके बेटे और सांसद चिराग पासवान भी थे। उन दोनों ने बिहार के संबंध में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
अगले साल लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा नीत राजग के समग्र प्रदर्शन के लिए यह राज्य बहुत महत्वपूर्ण होगा। बैठक में पासवान ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) कानून के मूल कड़े प्रावधानों को बहाल करने के लिए अध्यादेश लाने की जरूरत पर बल दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को उन प्रावधानों को हटाने के लिये सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिये जो सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को पदोन्नति में आरक्षण देने की राह में आड़े आते हैं। उन्होंने कहा “अगर जरूरी हुआ तो सरकार को इस पर अध्यादेश लाना चाहिए।” पासवान ने कहा कि दलितों के मुद्दे पर शाह उनके विचारों से सहमत हुए और उन्होंने सकारात्मक रुख प्रकट किया।
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