प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नास्कॉम टेक्नॉलॉजी एंड लीडरशिप फोरम (एनटीएलएफ) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ये भलीभांति जानती है कि बंधनों में भविष्य की लीडरशिप विकसित नहीं हो सकती। इसलिए सरकार द्वारा टेक इंडस्ट्री को अनावश्यक रेगुलेशंस से, बंधनों से, बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कहा, “जब दुनिया भारत की तरफ नई उम्मीद और भरोसे के साथ देख रही है, सरकार को देश के नागरिकों पर, स्टाट्र्अप पर, इनोवेटर्स पर पूरा भरोसा है। इसी भरोसे के साथ सेल्फ सर्टिफिकेशन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बीते 6 वर्षों में आईटी इंटस्ट्री ने जो समाधान तैयार किए हैं, उन्हें हमने गवर्नेंस का अहम हिस्सा बनाया है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारे यहां कहा गया है- न दैन्यं न पलायनम। यानी चुनौती कैसी भी हो, हमें खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए और न चुनौती से पलायन करना चाहिए। कोरोना के दौरान भारत के ज्ञान, विज्ञान ने न सिर्फ खुद को साबित किया है, बल्कि खुद को इवोल्व किया है। नया भारत, हर भारतवासी, प्रगति के लिए अधीर है। हमारी सरकार नए भारत के युवाओं की इस भावना को समझती है। 130 करोड़ से अधिक भारतवासियों की आकांक्षाएं हमें तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।”
बता दें कि नास्कॉम टेक्नॉलॉजी एंड लीडरशिप फोरम के 29वें सम्मेलन का आयोजन 17 से 19 फरवरी तक किया जा रहा है। यह सम्मेलन नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नास्कॉम) का अग्रणी आयोजन है। इस वर्ष के आयोजन का विषय है, ‘शेपिंग द फ्यूचर टूवर्डस ए बेटर नॉर्मल’। इसमें 30 से अधिक देशों के 1600 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं और तीन दिन के आयोजन के दौरान 30 उत्पाद दिखाए जाएंगे।


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