केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कूटनीतिक और रणनीतिक रिवायत को बदल कर इस संबंध में एक नया मानक स्थापित किया है।
डॉ़ सिंह ने रविवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बालाकोट हवाई हमले के जरिए केन्द्र सरकार ने आतंकवाद के मूल ह्मोत पर उसी की धरती पर चोट की है।
उन्होंने कहा‘‘ हमारी लडाई आतंकवाद के खिलाफ हैं और हम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है तथा इसी तरह कश्मीर में भी हमारा संघर्ष कश्मीरियों के साथ नहीं बल्कि आतंकवादियों के खिलाफ है।’’
उन्होंने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में भाजपा को मिले प्रचंड़ जनादेश का जिक्र करते हुए कहा कि इन चुनावों ने कईं मिथकों को धराशायी कर दिया है और साथ-साथ इससे कई सबक भी सीखने हैं तथा कुछ निष्कर्ष निकाले जाने हैं।
इस बार कुल मतदाताओं में से युवा मतदाताओं की भागीदारी 70 प्रतिशत से अधिक थी और यही वर्ग निर्णायक मतदाता साबित हुआ है। युवा वर्ग ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह किसी के भी बहकावे में नहीं आने वाला है चाहे वह मीडिया का दुष्पचार हो या फिर विरोधियों की बेमतलब की आलोचना। युवा वर्ग के पास जानकारी के उच्च तकनीकी ह्मोत हैं और उसने किसी के भी दबाव में आए बगैर अपने सारे फैसले खुद ही लिए।
उन्होंने कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस पर जमकर बरसते हुए कहा कि इन दलों का अनुच्छेद 370 और 35-ए पर कोई स्पष्ट रूख नहीं है।
उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस वर्ष1953 से पहले की स्थिति पर लौटने की बात करती है और जम्मू कश्मीर में भारतीय संविधान के प्रावधानों को लागू करने की अनुमति नहीं देती है। सच्चाई यह भी है कि इसी पार्टी के शासनकाल में भारतीय संविधान के अनेक प्रावधान राज्य में लागू किए गए थे और इसमें आपातकाल के दौरान वह काला कानून भी था जिसमें राज्य विधानसभा का कार्यकाल पांच वर्ष से बढ़कर छह वर्ष किया गया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने इस संविधान संशोधन को तुरंत ही अमल में ले लिया था।


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