प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने यहां विवेकानंद रॉक मेमोरियल में सूर्योदय के समय ‘सूर्य अर्घ्य’ देने के बाद शनिवार को तीसरे और अंतिम दिन अपनी ध्यान साधना शुरू की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ‘सूर्य अर्घ्य’ आध्यात्मिक अभ्यास से जुड़ी एक परंपरा है, जिसमें भगवान सूर्य को जल अर्पित कर उन्हें नमन किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने एक लोटे से समुद्र में सूर्य को जल अर्पित किया और माला जपी।
- PM मोदी ने तीसरे और अंतिम दिन अपनी ध्यान साधना शुरू की
- ‘सूर्य अर्घ्य’ आध्यात्मिक अभ्यास से जुड़ी एक परंपरा है
- PM ने एक लोटे से समुद्र में सूर्य को जल अर्पित किया और माला जपी
स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित
उन्होंने बताया कि मोदी भगवा वस्त्र पहने हुए थे और उन्होंने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। वह अपने हाथों में ‘जाप माला’ लेकर मंडपम के चारों ओर चक्कर लगाते दिखे। कन्याकुमारी सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्यों के लिए मशहूर है और मेमोरियल तट के पास एक छोटे-से टापू पर स्थित है। प्रधानमंत्री ने 30 मई की शाम को विवेकानंद रॉक मेमोरियल में ध्यान साधना शुरू की थी और उनके शनिवार शाम तक ध्यान करने की संभावना है।
PM ने हाथ जोड़कर सूर्योदय को किया प्रणाम
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को यहां विवेकानंद रॉक मेमोरियल में सूर्योदय के दौरान ‘सूर्य अर्घ्य’ दिया। PM मोदी दो दिनों के ध्यान अभ्यास के लिए रॉक मेमोरियल पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर प्रणाम करने के बाद ‘सूर्य अर्घ्य’ दिया। ‘सूर्य अर्घ्य’ आध्यात्मिक अभ्यास से जुड़ी एक परंपरा है, जिसमें भगवान सूर्य को जल अर्पित कर उन्हें नमन किया जाता है। भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संक्षिप्त वीडियो पोस्ट किया, जिसमें प्रधानमंत्री एक लोटे से सूर्य को जल अर्पित करते और माला जपते नजर आ रहे हैं। पार्टी ने पोस्ट में कहा, ”सूर्योदय, सूर्य अर्घ्य, आध्यात्मिकता”।
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