Prajwal Revanna: राजनीति से काल कोठरी तक, जानें कैसे कटी जेल में रेवन्ना की पहली रात

Summary :

Prajwal Revanna: कर्नाटक की सियासत में सितारे सरीखे रहे प्रज्वल रेवन्ना इन दिनों मुश्किलों में पड़ गए हैं। अब उनकी पहचान एक राजनेता नहीं बल्कि कैदी नंबर 15528 हैं। आपने सही सुना यही है उनकी असली पहचान। रेवन्ना को कई मामलों में कोर्ट ने सजा सुनाई है। घरेलू सहायिका से रेपकांड में दोहरे आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद उन्हें अग्रहारा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। शनिवार की रात से उनकी नई जिंदगी सलाखों के अंदर शुरू हो गई है। कोर्ट ने रेवन्ना को उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 11.50 लाख रुपए जुर्माने भी लगाए हैं। इसमें से पीड़िता…

Prajwal Revanna: कर्नाटक की सियासत में सितारे सरीखे रहे प्रज्वल रेवन्ना इन दिनों मुश्किलों में पड़ गए हैं। अब उनकी पहचान एक राजनेता नहीं बल्कि कैदी नंबर 15528 हैं। आपने सही सुना यही है उनकी असली पहचान। रेवन्ना को कई मामलों में कोर्ट ने सजा सुनाई है। घरेलू सहायिका से रेपकांड में दोहरे आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद उन्हें अग्रहारा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। शनिवार की रात से उनकी नई जिंदगी सलाखों के अंदर शुरू हो गई है। कोर्ट ने रेवन्ना को उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 11.50 लाख रुपए जुर्माने भी लगाए हैं। इसमें से पीड़िता को 11.25 लाख रुपए दिए जाएंगे।

376(2)(n) समेत कई धाराओं में लिप्त

इस मामले की जांच कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने की। प्रज्वल रेवन्ना पर भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इनमें आईपीसी की धाराएं 376(2)(k) (अधिकार प्राप्त व्यक्ति द्वारा बलात्कार), 376(2)(n) (बार-बार बलात्कार), 354A (यौन उत्पीड़न), 354B (महिला के कपड़े उतारने के इरादे से हमला), 354C (चुपके से देखना), 506 (आपराधिक धमकी), 201 (सबूतों को नष्ट करना) और आईटी एक्ट की धारा 66E (निजता का हनन) शामिल हैं।

इन धाराओं में भी मामला दर्ज

Prajwal Revanna
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कोर्ट ने रेवन्ना को धारा 376(2)(के) और 376(2)(एन) में डबल उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ लाखों रूपये के जुर्माना भी लगाएं गए हैं। अदालत ने धारा 354ए के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास और 25,000 रुपये का जुर्माना, धारा 354बी के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 50,000 रुपये का जुर्माना तथा धारा 354सी के तहत 3 वर्ष का कारावास और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

What is Revanna’s prisoner number (रेवन्ना का कैदी नंबर)

शुक्रवार, 1 अगस्त 2025 को जब अदालत ने रेवन्ना को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास का फैसला सुनाया तो कोर्ट रूम में ही रेवन्ना फुट-फुटकर रोने लगे। कोर्ट के फैसले से प्रज्वल रेवन्ना की पहचान बदल गई. अब वे कोई राजनीतिक चेहरा नहीं, बल्कि एक कैदी हो गए। उनका कैदी नंबर 15528 हैं. उन्हें कैदी ड्रेस कोड दिया गया। एक कैदी की तरह उन्हें भी रोज कम से कम 8 घंटे का काम करना होगा. इस काम के लिए उन्हें 524 रुपए मासिक वेतन मिलेगा. प्रदर्शन के आधार पर उनका वेतन बढ़ाया जाएगा।

कैसी रही जेल में रेवन्ना की पहली रात?

Prajwal Revanna
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उम्रकैद की सजा मिलने के बाद शनिवार को रेवन्ना ने जेल में अपनी पहली रात बिताई। जेल सूत्रों के अनुसार, वह काल कोठरी के अंदर काफी परेशान दिखें और कई बार भावुक भी दिखें। मेडिकल जांच के वक्त उन्होंने डॉक्टरों को अपना दर्द बताया। इतना ही नहीं बाकी कैदियों की तरह ही रेवन्ना को जेल के नियमों का पालन करना होगा।

Revanna’s political journey (रेवन्ना का सियासी सफर)

पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना कर्नाटक की हासन सीट से सांसद थे। रेवन्ना जनता दल (सेक्युलर) पार्टी से जुड़े थे। बलात्कार के मामले के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते भी हैं।

रेवन्ना पर क्या है आरोप?

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प्रज्वल रेवन्ना के घर में काम करने वाली एक महिला ने उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अलावा, बेंगलुरु में उनके कई ठिकानों पर कई पेन ड्राइव मिले थे। दावा किया गया था कि पेन ड्राइव में 3 हज़ार से 5 हज़ार वीडियो हैं, जिनमें प्रज्वल महिलाओं का यौन उत्पीड़न करता दिख रहा है। वीडियो में महिलाओं के चेहरे भी धुंधले नहीं थे। इस मामले के सामने आने के बाद से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था। मामला बढ़ता देख जांच के लिए SIT का गठन किया गया। जांच के बाद, प्रज्वल के खिलाफ बलात्कार, छेड़छाड़, ब्लैकमेलिंग और धमकी सहित 3 मामले दर्ज किए गए। महिलाओं से बलात्कार करने के बाद, रेवन्ना उन्हें सरकारी नौकरी का झांसा देता था।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।