बस्तर : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने दो दिवसीय दौरे पर बस्तर पहुंच गये हैं। खास बात ये है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कार्यकाल का एक साल बुधवार को पूरा हुआ और अपने इस खास दिन को उन्होंने आदिवासियों के बीच मनाया हैं। सुबह करीब साढ़े दस बजे राष्ट्रपति आज जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचे। हल्की बूंदाबंदी के बीच बस्तर की जमीं परउनका शानदार स्वागत किया गया। बारिश की वजह से उन्हें दंतेवाड़ा के लिए कुछ देर इंतजार करना करना पड़ा। करीब आधे घंटे की देरी से वो दंतेवाड़ा के लिए रवाना हुए। वहां से आदर्श ग्राम हीरानार पहुंचकर एकीकृत कृषि प्रणाली से खेती कर रहे किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों से चर्चा की। राष्ट्रपति इस दौरान प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी के मंदिर भी गये और वहां मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद भी लिया। राष्ट्रपति ने इस दौरान ई-रिक्शा की सवारी की। बाद में उन्होंने ई-रिक्शा चला रही सविता से बातचीत भी की। राष्ट्रपति दंतेवाड़ा के वनवासी कल्याण आश्रम स्कूल के बच्चों से चर्चा की और उनके साथ भोजन किया।
राष्ट्रपति ने अटल बिहारी वाजपेयी एजुकेशन सिटी जाकर परिसर में सक्षम स्कूल के दिव्यांग बच्चों और आस्था विद्या मंदिर के बच्चों से चर्चा भी की। इस कार्यक्रम के बाद जावंगा में राष्ट्रपति ने बीपीओ का शुभारंभ किया ।इस बीपीओ से बस्तर के 500 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्हें पहले ढाई महीने का प्रशिक्षण दिया गया फिर नौकरी पर रखा गया है। यहां काम करने वाले युवा राष्ट्रपति के प्रवास से बेहद उत्साहित हैं। इस बीपीओ को कुछ अमेरिकी संस्थानों के भी काम मिल रहे हैं। बैंक ऑफ अमेरिका का प्रोजेक्ट भी मिला है। यहां काम करने वाले युवाओं का मानना है कि ऐसे और संस्थान भी बस्तर में शुरू होने चाहिए। युवाओं का मानना है कि रोजगार मुहैया अगर बस्तर के युवाओं को हुआ तो उनका भटकाव नक्सलवाद की तरफ नहीं होगा। गौरतलब है की नक्सल प्रभावित इलाके में राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तैयारियां चाक-चौबंद की गई है।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है, तो वहीं दिल्ली से लेकर छत्तीसगढ़ और आंध्रा-तेलंगाना तक के इंटेलिजेंस को अलर्ट पर रखा गया है। राष्ट्रपति की सुरक्षा में करीब 8 हजार जवानों को तैनात किया गया है। जिसमें जिला पुलिस बल और छत्तीसगढ़ पुलिस बल के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा 3 आईजी स्तर के अधिकारी संभाल रहे हैं। जबकि 7 डीआईजी और 10 अन्य आईपीएस अफसर राष्ट्रपति की सिक्यूरिटी में तैनात किये गये हैं। ये पहला मौका है जब राष्ट्रपति रात बस्तर में गुजारेंगे। बस्तर आने वाले रामनाथ कोविंद चौथे और दंतेवाड़ा आने वाले पहले राष्ट्रपति होंगे। बस्तर आने वाले पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। इनके बाद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने राष्ट्रपति के रूप में बस्तर का दौरा किया था।


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