केन्द्र सरकार द्वारा उसकी महत्वाकांक्षी योजना सेन्ट्रल विस्ता का जो ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है, उसके अनुसार प्रधानमंत्री का आवास और कार्यालय साउथ ब्लॉक के पास जबकि उपराष्ट्रपति का नया आवास नॉर्थ ब्लॉक के पास होगा।
सूत्रों ने बताया कि लुटियंस में जिन भवनों को गिराने के लिए चिह्नित किया गया है उनमें उपराष्ट्रपति का आवास भवन भी शामिल है।
सेन्ट्रल विस्ता के पुन:विकास योजना के तहत मौजूदा संसद भवन के आगे संसद के लिए एक तिकोनी नयी इमारत बनेगी, एक साझा केन्द्रीय सचिवालय होगा और राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ का जीर्णोंद्धार होगा।
एक सूत्र ने बताया, ‘‘उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आवासों को क्रमश: नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के पास स्थानांतरित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में यातायात भी सामान्य होगा क्योंकि लुटियंस में वीआईपी आवाजाही के कारण लोगों को अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का आवास और कार्यालय पास-पास होंगे ताकि प्रधानमंत्री घर से पैदल कार्यालय आ सकें।’’
सूत्रों ने बताया कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को संग्रहालय बनाने की कोई योजना नहीं है।
योजना के मुताबिक, संसद के नए भवन में 900 से 1,200 सांसदों के बैठने की जगह होगी, उसमें टेबल पर कंप्यूटर जैसी आधुनिक तकनीक, बैठक की आरामदेह व्यवस्था और केन्द्रीय मंत्रियों तथा सांसदों के कार्यालय होंगे।
सूत्र ने कहा, ‘‘पुन:विकास परियोजना के एक बार पूरे होने के बाद सरकार के पास सेन्ट्रल विस्ता को रिज से यमुना नदी तक विस्तार देने की योजना होगी।’’


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