‘पुराना विधेयक दोबारा लाओ फिर देखते हैं…’, लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद केंद्र पर बरसी प्रियंका गांधी

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Priyanka Gandhi on Women Reservation Bill: लोकसभा में शुक्रवार को केंद्र को बड़ा झटका लगा है। दरअसल सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सकी। जिस कारण ये बिल पारित नहीं हो सका। ऐसे में अब एक बार फिर महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है. इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।  इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए महिला आरक्षण के पुराने विधेयक को दोबारा लाने की मांग की है। मीडिया…

Priyanka Gandhi on Women Reservation Bill: लोकसभा में शुक्रवार को केंद्र को बड़ा झटका लगा है। दरअसल सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सकी। जिस कारण ये बिल पारित नहीं हो सका। ऐसे में अब एक बार फिर महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है. इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।  इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए महिला आरक्षण के पुराने विधेयक को दोबारा लाने की मांग की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार, 18 अप्रैल को विशेष सत्र के अंतिम दिन से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान में प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार को सोमवार, 20 अप्रैल को संसद बुलाकर महिला आरक्षण से जुड़ा पुराना विधेयक पेश करना चाहिए।  उन्होंने कहा कि यह वही बिल है जिसे पहले सभी राजनीतिक दलों का समर्थन मिला था. प्रियंका गांधी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीर है, तो वह तुरंत बिल लाए और देखे कि कौन इसका विरोध करता है. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस बिल का पूरा समर्थन करेगा।

Priyanka Gandhi on Women Reservation Bill: विपक्ष प्रधानमंत्री को लिखेगा पत्र

सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की तैयारी कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन की बैठक में इस पर सहमति बनी है. बैठक में सभी नेताओं ने एक-दूसरे को समर्थन देने के लिए बधाई दी और आगे की रणनीति तय की। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक सीमाओं में बदलाव करना चाहती है।  इसी बात को जनता तक पहुंचाने के लिए गठबंधन के नेता देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

प्रियंका गांधी ने इससे पहले भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाए थे।  उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देना उनका अधिकार है और इसे कोई भी उनसे छीन नहीं सकता।  उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण को 2011 की जनगणना और परिसीमन से जोड़ना एक राजनीतिक चाल है।  उनके अनुसार, सरकार इस मुद्दे के जरिए खुद को महिलाओं का हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही है, जो सफल नहीं हो पाई।

प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष ने एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा की है. उनके मुताबिक, यदि यह विधेयक पास हो जाता तो देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर असर पड़ सकता था. उन्होंने विपक्षी सांसदों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी ने मिलकर देशहित को प्राथमिकता दी और अपनी जिम्मेदारी निभाई।  उनके अनुसार, यह दिन भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि विपक्ष ने अपनी एकता और ताकत दिखाई है।

वोटिंग में बिल क्यों नहीं हो पाया पास

शुक्रवार, 17 अप्रैल को लोकसभा में इस विधेयक पर करीब 21 घंटे तक चर्चा हुई। इसके बाद मतदान कराया गया, जिसमें कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया. वोटिंग में 298 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया।  हालांकि, संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है. 528 सांसदों के आधार पर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 352 बनता है, लेकिन सरकार को केवल 298 वोट ही मिल सके। इस वजह से बिल 54 वोटों से पारित नहीं हो पाया।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।