इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय दूसरे मंत्रालयों के साथ मिलकर ऐसे पोर्टल तैयार कर रहा है जहां एक ही मंच के जरिए नागरिकों को सार्वजनिक सेवाएं दी जाएंगी और इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि पोर्टल शारीरिक रूप से अशक्त लोगों के लिए सुगम हो।
मंत्रालय के के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह कहा। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव राजेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार अगले पांच साल में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा मौजूदा पांच-आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने पर ध्यान दे रही है।
इसके लिए संसाधनों का अधिकतम डिजिटलीकरण करने पर ध्यान देने की जरूरत है। कुमार ने वैश्विक सुगम्यता जागरुकता दिवस के मौके पर आयोजित ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम कार्यक्रम में कहा, हम यह सुनिश्चित करने के लिए सभी मंत्रालयों के साथ काम कर रहे हैं कि उनके डिजिटल इंटरफेस को बदला जा सके।
इस बदलाव में हम सुगम्यता के विषय पर विशेष ध्यान देंगे। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय सार्वजनिक पोर्टल, राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है जहां लोग स्वास्थ्य क्षेत्र की हर वेबसाइट के लिए अलग-अलग लॉगइन क्रेडेंशियल बनाने के बजाए एक ही मंच पर सभी स्वास्थ्य सुविधाएं हासिल करने में सक्षम होंगे।


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