Rafale Fighter Jet Deal 2026: भारत की सुरक्षा और रक्षा को मजबूत करने, अभेद बनाने के लिए आज डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने घातक राफेल लड़ाकू विमान को खरदीने की मंजूरी दे दी है। भारत की फ्रांस के साथ लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील हुई है और यह बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई है। बता दें कि भारत पुराना MiG-21 बेड़ा पूरी को रिटायर कर दिया है और जल्द ही MiG-29 के पुराने वेरिएंट, जगुआर और मिराज 2000 जैसे घातक लड़ाकू विमान भी जल्द रिटायर होने वाले है जिससे अब भारतीय आसमान में राफेल गरजते हुए नजर आएंगे।
Rafale Fighter Jet Deal 2026

प्रस्ताव के अनुसार, भारत फ्रांस की रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान खरीदेगा, जबकि 96 लड़ाकू विमान भारत में बनाए जाएंगे। इनमें से कुछ दो सीटों वाले विमान होंगे जिनका उपयोग प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। इस सौदे में अत्याधुनिक लड़ाकू विमान प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण और ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को गति देने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी शामिल होगी। बता दें कि भारतीय वायु सेना के बेड़े में पहले से ही दो स्क्वाड्रनों में 36 राफेल विमान शामिल हैं, जिनमें से ‘सी’ वेरिएंट की अंतिम डिलीवरी दिसंबर 2024 में हुई थी।
Defence Acquisition Council
भारतीय नौसेना के लिए 63,000 करोड़ रुपये के सौदे में ‘एम’ संस्करण के 26 राफेल विमानों का ऑर्डर भी दिया गया है। नौसैनिक वेरिएंट को विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य से संचालित किया जाएगा। उस समझौते में एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) समझौते के तहत बेड़े के रखरखाव, लॉजिस्टिक्स सहायता और कर्मियों के प्रशिक्षण की सुविधा शामिल है।
Rafale Fighter Jets

पिछले साल मई में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की सैन्य कार्रवाई के तहत, ऑपरेशन सिंदूर में राफेल जेट विमानों का उपयोग पाकिस्तान में सटीक लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। राफेल विमानों का इस्तेमाल SCALP मिसाइल को लॉन्च करने के लिए किया गया था। यह 250 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित मजबूत लक्ष्यों को अत्यंत सटीकता से भेदने में सक्षम है।


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