PGI चंडीगढ़ की बड़ी कामयाबी: HIV पॉजिटिव माता-पिता भी दे रहे हैं स्वस्थ बच्चों को जन्म, 98% रहा सफलता दर

Summary :

Chandigarh  PGI: चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर (PGIMER) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (HIV Care) ने एड्स के इलाज में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के प्रसिद्ध विशेषज्ञ और एआरटी (ART) सेंटर के कार्यक्रम निदेशक प्रो. अमन शर्मा ने कहा कि मेडिकल साइंस में आई नई तकनीकों के कारण अब एड्स (AIDS) कोई जानलेवा बीमारी नहीं रह गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह मरीज शुगर या ब्लड प्रेशर की दवा खाकर सामान्य जीवन बिताता है, ठीक वैसे ही HIV पीड़ित व्यक्ति भी नियमित उपचार से स्वस्थ और लंबी जिंदगी जी सकता है। PGI का सेंटर बना मरीजों के…

Chandigarh  PGI: चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर (PGIMER) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (HIV Care) ने एड्स के इलाज में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के प्रसिद्ध विशेषज्ञ और एआरटी (ART) सेंटर के कार्यक्रम निदेशक प्रो. अमन शर्मा ने कहा कि मेडिकल साइंस में आई नई तकनीकों के कारण अब एड्स (AIDS) कोई जानलेवा बीमारी नहीं रह गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह मरीज शुगर या ब्लड प्रेशर की दवा खाकर सामान्य जीवन बिताता है, ठीक वैसे ही HIV पीड़ित व्यक्ति भी नियमित उपचार से स्वस्थ और लंबी जिंदगी जी सकता है।

PGI का सेंटर बना मरीजों के लिए आशा की किरण

Chandigarh  PGI

PGI देश भर में अव्वल डॉ. अमन शर्मा ने बताया कि देश के 682 एंटीरेट्रोवाइरल उपचार (ART) केंद्रों के मूल्यांकन में PGI के सेंटर को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह संस्थान न केवल चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के मरीजों के लिए आशा की किरण बना हुआ है। वर्तमान में यहां हजारों मरीज पंजीकृत हैं, जिनका सफल इलाज आधुनिक ‘360 डिग्री रिव्यू’ पद्धति से किया जा रहा है।

HIV पॉजिटिव महिलाओं की 150 से अधिक सफल डिलीवरी

Chandigarh  PGI

प्रेगनेंसी प्लान में 98% से अधिक सफलता रिपोर्ट के अनुसार, PGI ने ‘पेरेंट-टू-चाइल्ड ट्रांसमिशन’ (माता-पिता से बच्चे में संक्रमण) को रोकने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। डॉ. शर्मा ने साझा किया कि पिछले 6 वर्षों में संस्थान में HIV पॉजिटिव महिलाओं की 150 से अधिक सफल डिलीवरी हुई हैं, जिनमें से लगभग सभी बच्चे HIV नेगेटिव (पूरी तरह स्वस्थ) पैदा हुए हैं। यह सफलता दर 98% से भी अधिक रही है, जो कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर है।

प्रमुख बिंदु:

  • नियमित दवा है कुंजी: डॉक्टर के अनुसार, रोजाना सिर्फ एक टैबलेट (ART) लेने से वायरस शरीर में इतना कम हो जाता है कि वह दूसरों में नहीं फैलता।
  • सामाजिक बदलाव: अब HIV पॉजिटिव युवा भी शिक्षा और करियर में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में PGI से इलाज करा रहे एक छात्र ने JEE में 99 परसेंटाइल हासिल किए हैं।
  • घटती मृत्यु दर: PGI में बेहतर सुविधाओं और जागरूकता के चलते एड्स से होने वाली मौतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
  • डॉक्टर की सलाह: प्रो. अमन शर्मा ने अपील की है कि बीमारी को छुपाने के बजाय समय पर जांच और इलाज शुरू करें। उन्होंने कहा, “डरें नहीं, समाज में सिर उठाकर जिएं। PGI आपकी सेहत और आपके आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

यह भी पढ़ें: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदस्यता होगी रद्द! भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दिया नोटिस

Pankhil Verma