कृषि बिल को लेकर राहुल और प्रियंका का केंद्र पर वार- नए कानून किसानों को गुलाम बनाएंगे

Summary :

प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि “किसानों से MSP छीन ली जाएगी। उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग के जरिए खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा। न दाम मिलेगा, न सम्मान।”

संसद से पारित तीन कृषि विधेयकों को लेकर किसान संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत देशभर के किसान कृषि से जुड़े इन विधेयकों के विरोध में लामबंद हो रहे हैं। किसानों के प्रदर्शन और भारत बंद को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एमएसपी को लेकर सरकार को घेरा है।

राहुल ने ट्वीट कर कहा कि “एक गलत जीएसटी ने एमएसएमई को नष्ट कर दिया। नए कृषि कानून हमारे किसानों को गुलाम बनाएंगे।”

वहीं प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि “किसानों से MSP छीन ली जाएगी। उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग के जरिए खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा। न दाम मिलेगा, न सम्मान। किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा। भाजपा का कृषि बिल ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है। हम ये अन्याय नहीं होने देंगे।” 

बता दें कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ता अपने नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पटना की सड़कों पर उतरे। तेजस्वी ने पटना की सड़कों पर ट्रैक्टर चलाया। राजद ने कृषि बिल को किसान विरोधी बताते हुए शुक्रवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। तेजस्वी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बिल के कारण किसान हताश, निराश और लाचार हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल ने अन्नदाताओं को तोड़ दिया है। इस बिल की वजह से किसान और गरीब होता जाएगा। इसे हर हाल में सरकार को वापस लेना चाहिए। 
मिली जानकारी के अनुसार भारत बंद के लिए 31 किसान संगठनों ने हाथ मिलाया है। गुरुवार 24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक रेल रोको आंदोलन चलेगा। इस भारत की बंद यह वजह है की इस विधयेक से मंडियां खत्म हो गईं तो किसानों को एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा। वन नेशन वन एमएसपी होना चाहिए। किसान मजदूर बन जाएगा। कारोबारी जमाखोरी करेंगे। खाद्य सुरक्षा खत्म हो जाएगी। इससे आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी बढ़ सकती है।

Desk Team