कृषि बिल पर राहुल का वार- किसानों के लिए मौत का फरमान है नया कानून, देश में मर चुका है लोकतंत्र

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राहुल ने ट्वीट कर कहा, “कृषि संबंधी कानून हमारे किसानों के लिए मौत का फरमान हैं। उनकी आवाज संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई।”

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि संबंधी कानूनों को लेकर सोमवार को सरकार पर फिर निशाना साधा और आरोप लगाया कि किसानों की आवाज संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई। उन्होंने राज्यसभा में इन विधेयकों को पारित किए जाने के दौरान हुए हंगामे से जुड़ी एक खबर शेयर किया।

राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘‘कृषि संबंधी कानून हमारे किसानों के लिए मौत का फरमान हैं। उनकी आवाज संसद और बाहर दोनों जगह दबाई गई। यहां इस बात का सबूत है कि भारत में लोकतंत्र खत्म हो गया है।’’

कांग्रेस नेता ने जिस खबर का हवाला दिया उसमें दावा किया गया है कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा था कि सदन में कृषि संबंधी विधेयकों पर मतदान की मांग करते समय विपक्षी सदस्य अपनी सीट पर नहीं थे, लेकिन राज्यसभा टीवी की फुटेज से इसकी उलट बात साबित होती है।
हाल ही में संपन्न मानसून सत्र में संसद ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को इन विधेयकों को मंजूरी प्रदान कर दी जिसके बाद ये कानून बन गए।

संसद से पारित तीनों कृषि संबंधी विधेयकों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी

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