नए कृषि कानून के विरोध में आंदोलन की राह पकड़े किसानों के देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर मोर्चाबंदी के बुधवार को 105 दिन हो गए हैं और यह आंदोलन और लंबा होता जा रहा है। किसान नये कृषि कानून निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं जबकि सरकार इस मांग को मानने को तैयार नहीं है। वहीं इस मसले पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। इस बीच कांग्रेस के पूर्व राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को पीछे हटाना सरकार के लिए असंभव है।
अन्नदाता का बारिश से नाता पुराना
ना डरते ना करते मौसम का बहाना
तो क्रूर सरकार को फिर से बताना
असंभव किसानों को पीछे हटाना
तीनों क़ानूनों को पड़ेगा लौटाना! #FarmersProtests— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 10, 2021
राहुल ने ट्वीट कर कहा “अन्नदाता का बारिश से नाता पुराना, ना डरते ना करते मौसम का बहाना, तो क्रूर सरकार को फिर से बताना, असंभव किसानों को पीछे हटाना, तीनों क़ानूनों को पड़ेगा लौटाना!” बता दें कि दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में मंगलवार रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और राजधानी के कई इलाकों के अलावा, नोएडा, गाजियाबाद आदि में बारिश हुई। बारिश के बावजूद किसानों का प्रदर्शन जारी है।
दिल्ली की सीमाओं पर स्थित सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले साल 26 नवंबर से डेरा डाले किसानों की रहनुमाई करने वाले यूनियनों के नेता अहिंसात्मक व शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने की बात करते हैं। हालांकि, आंदोलन के दौरान इस साल 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा दिल्ली में निकाली गई ट्रैक्टर रैली के दौरान देश की धरोहर लालकिला के परिसर में हुड़दंग मचने के बाद आंदोलनकारियों पर हिंसा करने का आरोप है।


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