राज्यसभा में Railway Amendment विधेयक 2025 पेश, विपक्ष ने जताई नाराजगी

Summary :

विपक्ष की नाराजगी के बीच पेश हुआ रेल संशोधन विधेयक

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा सोमवार को राज्यसभा में रेल संशोधन विधेयक 2025 पेश किया गया। इस दौरान विपक्ष के सांसदों ने वॉकआउट किया। टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि आज राज्यसभा में रेलवे संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई। विपक्ष ने वॉकआउट किया, क्योंकि अश्विनी वैष्णव और पीएम मोदी के कार्यकाल में 670 से ज्यादा रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, 1500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।

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इन घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सदन में चिंता जाहिर की। लेकिन, जिस तरह से रेल मंत्री जवाब दे रहे थे, उसमें अहंकार झलक रहा था। वह यह स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं कि बीते 10 वर्ष के कार्यकाल में रेल मंत्रालय की लापरवाही से भारत में सार्वजनिक संपत्ति और लोगों के जीवन को नुकसान पहुंचा है। अश्विनी वैष्णव ने जो जवाब दिया है उसने हमें निराश किया है। उन्होंने हमें आलोचना का कोई मौका नहीं दिया। इसलिए, हमने वॉकआउट किया और रेलवे संशोधन विधेयक 2025 का समर्थन करने से इनकार कर दिया।

बता दें कि राज्यसभा में रेल संशोधन विधेयक 2025 पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। रेल मंत्री ने कहा कि 11 वर्षों में 34000 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक ब‍िछाए गए हैं। यह जर्मनी जैसे समृद्ध देश से ज्यादा है। 45,000 किमी से ज्यादा ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है। उन्होंने बताया कि डीजल ट्रैक्शन के मुकाबले इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन में 95 फीसदी प्रदूषण कम होता है। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि 11 वर्षों में रेलवे के डिब्बों में 3 लाख 10 हजार टॉयलेट बने हैं।

उन्होंने बताया कि यूपीए की सरकार में जहां रेलवे में 4 लाख 11 हजार व्यक्तियों को रोजगार दिया गया था, वहीं एनडीए की सरकार में 5 लाख 2 हजार लोगों को रोजगार दिया गया है। रेल मंत्री ने बताया कि इस वर्ष कुंभ में जो सुविधाएं की गईं थीं, उन्हें 60 स्टेशनों पर स्थाई तौर पर चालू किया जाएगा।

News Desk

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