राष्ट्रपति मुर्मु ने नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित किया

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नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में नर्सिंग कर्मियों को वर्ष 2026 के लिए ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार’ प्रदान किए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक संदेश में कहा कि नर्सिंग कर्मी सेवा के सर्वोच्च मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और अक्सर अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुरस्कार पाने वालों में लेह से कुलविंदर परही, महाराष्ट्र से उज्वला महादेव सोयम, मिजोरम से लालेंथांगी हनामते, सिक्किम…

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में नर्सिंग कर्मियों को वर्ष 2026 के लिए ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार’ प्रदान किए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक संदेश में कहा कि नर्सिंग कर्मी सेवा के सर्वोच्च मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और अक्सर अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पुरस्कार पाने वालों में लेह से कुलविंदर परही, महाराष्ट्र से उज्वला महादेव सोयम, मिजोरम से लालेंथांगी हनामते, सिक्किम से मधु माला गुरुंग, उत्तराखंड से पूजा परमार राणा, पश्चिम बंगाल से गीता कर्मकार, चंडीगढ़ से पूनम वर्मा, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव से दीपा बीजू, दिल्ली से श्रवण कुमार ढाका, गोवा से रक्षा रूपो परवतकर, कर्नाटक से कबिता जगन्नाथ, केरल से मंजुमोल वीएस, लक्षद्वीप से आयशा बीबू के, तमिलनाडु से डॉ. आर. शंकर षणमुगम और भारतीय सेना से मेजर जनरल लिसाम्मा पीवी शामिल हैं।

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार उन पंजीकृत (रजिस्टर्ड) नर्सों, मिडवाइव्स, एएनएम और लेडी हेल्थ विजिटर्स को प्रदान किए जाते हैं, जो केंद्र व राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वैच्छिक संगठनों में उत्कृष्ट सेवाएं दे रही हैं।

प्रत्येक पुरस्कार में एक योग्यता प्रमाण पत्र, 100,000 रुपए की नकद राशि और एक पदक शामिल होता है। यह पदक इन स्वास्थ्य योद्धाओं द्वारा दी गई अमूल्य सेवाओं के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है।

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस हर साल दुनिया भर के अस्पतालों, क्लीनिकों, आपातकालीन विभागों और सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में नर्सों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। यह तारीख फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाई जाती है, जिनके योगदान ने दुनिया भर में आधुनिक नर्सिंग पद्धतियों की नींव रखी थी।

इस वर्ष की थीम ‘हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं’ है। यह थीम स्वास्थ्य देखभाल परिणामों को बेहतर बनाने के लिए सुरक्षित कार्य स्थितियों, बेहतर अवसरों और मजबूत संस्थागत सहयोग के माध्यम से नर्सों का समर्थन करने के महत्व पर प्रकाश डालती है।

–आईएएनएस

डीकेएम/एएस

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