‘रेड लाइट थेरेपी’ लेते नजर आए पुलकित सम्राट, जानें त्वचा और बालों के लिए कितना है फायदेमंद

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मुंबई, 25 मई (आईएएनएस)। अभिनेता पुलकित सम्राट अपनी फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर काफी चर्चा में रहते हैं। उन्होंने अपनी सुबह की दिनचर्या की एक दिलचस्प झलक सोशल मीडिया पर साझा की है, जिसमें पुलकित रेड लाइट थेरेपी लेते नजर आए। तस्वीर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “सुबह की शुरुआत चेहरे, बालों और आंखों के लिए रेड लाइट थेरेपी से होती है।” रेड लाइट थेरेपी, जिसे फोटोबायोमॉड्यूलेशन, लो-लेवल लेजर थेरेपी या लो-पावर लेजर थेरेपी भी कहा जाता है, एक गैर-आक्रामक उपचार पद्धति है। इसमें त्वचा पर खास लाल रोशनी (630 से 700 नैनोमीटर वेवलेंथ) डाली जाती…

मुंबई, 25 मई (आईएएनएस)। अभिनेता पुलकित सम्राट अपनी फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर काफी चर्चा में रहते हैं। उन्होंने अपनी सुबह की दिनचर्या की एक दिलचस्प झलक सोशल मीडिया पर साझा की है, जिसमें पुलकित रेड लाइट थेरेपी लेते नजर आए।

तस्वीर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “सुबह की शुरुआत चेहरे, बालों और आंखों के लिए रेड लाइट थेरेपी से होती है।”

रेड लाइट थेरेपी, जिसे फोटोबायोमॉड्यूलेशन, लो-लेवल लेजर थेरेपी या लो-पावर लेजर थेरेपी भी कहा जाता है, एक गैर-आक्रामक उपचार पद्धति है। इसमें त्वचा पर खास लाल रोशनी (630 से 700 नैनोमीटर वेवलेंथ) डाली जाती है। यह रोशनी कोशिकाओं के मुख्य ऊर्जा स्रोत माइटोकॉन्ड्रिया को सक्रिय करती है, जिससे कोशिकाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं, ऊर्जा बढ़ती है और शरीर की प्राकृतिक हीलिंग प्रक्रिया तेज होती है।

रेड लाइट थेरेपी के कई फायदे मिलते हैं। यह थेरेपी त्वचा संबंधी कई समस्याओं में बेहद उपयोगी साबित हो रही है। यह कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देती है, जिससे त्वचा में लचीलापन आता है, झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा युवा दिखती है। मुंहासे, एक्जिमा, सोरायसिस जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। घाव जल्दी भरते हैं और त्वचा की लालिमा कम होती है।

बालों के झड़ने की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी यह फायदेमंद है। नियमित इस्तेमाल से बाल मजबूत होते हैं और नए बाल उगने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह मांसपेशियों के दर्द, जोड़ों के दर्द और सूजन कम करने में भी सहायक है। कुछ मामलों में कीमोथेरेपी से होने वाले दर्द और मुंह के छालों में भी राहत पहुंचाती है।

एक्सपर्ट बताते हैं कि रेड लाइट थेरेपी कोशिकाओं के अंदर अंतराकोशिकीय सिग्नलिंग को सक्रिय करती है। इससे ऊर्जा उत्पादन बढ़ता है, सूजन घटती है और ऊतकों की मरम्मत तेज होती है। यह अल्ट्रा-वॉयलेट (यूवी) लाइट से पूरी तरह अलग है। इसमें त्वचा को कोई स्थायी नुकसान नहीं पहुंचता और कैंसर का खतरा भी नहीं बढ़ता।

यह थेरेपी ज्यादातर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल से त्वचा पर लालिमा, सूजन या फफोले पड़ सकते हैं। आंखों को नुकसान से बचाने के लिए थेरेपी लेते समय हमेशा प्रोटेक्टिव गॉगल्स पहनना जरूरी है। अगर किसी को पहले त्वचा का कैंसर रहा हो तो इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

–आईएएनएस

एमटी/पीएम

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