गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 जनवरी को राष्ट्र को करेंगी संबोधित

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Republic day 2026:  भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क पर शाम 7 बजे से प्रसारित किया जाएगा और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी में और फिर अंग्रेजी में प्रसारित होगा। दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के प्रसारण के बाद, दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण किया जाएगा। आकाशवाणी अपने संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्कों पर रात 9:30 बजे से क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण करेगी। वहीं, भारतीय सशस्त्र बल 26 जनवरी को नई दिल्ली के…

Republic day 2026:  भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी के पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क पर शाम 7 बजे से प्रसारित किया जाएगा और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी में और फिर अंग्रेजी में प्रसारित होगा। दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में संबोधन के प्रसारण के बाद, दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण किया जाएगा। आकाशवाणी अपने संबंधित क्षेत्रीय नेटवर्कों पर रात 9:30 बजे से क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण करेगी।

वहीं, भारतीय सशस्त्र बल 26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता से विजय’ शीर्षक से एक त्रिपक्षीय झांकी प्रस्तुत करेंगे। यह झांकी राष्ट्र के विकसित सैन्य सिद्धांत का एक सशक्त और आधिकारिक प्रतिनिधित्व होगी, जो सटीकता, एकीकरण और स्वदेशी श्रेष्ठता की ओर निर्णायक परिवर्तन का प्रतीक है। यह भारत की इस बात की प्रबल पुष्टि है कि निर्णायक, संयुक्त और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति का युग आ चुका है।

प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित, ऑपरेशन सिंदूर ने आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत और विकसित भारत की ओर देश की अटूट यात्रा का उदाहरण पेश किया, एक ऐसा भविष्य जो आत्मनिर्भर, समन्वित और अटूट रक्षा क्षमता से परिभाषित होगा। यह झांकी तीनों सेनाओं के तालमेल के गतिशील और सिलसिलेवार चित्रण के जरिए इस कहानी को जीवंत करती है।

शुरुआती भाग में भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को दिखाया गया है, जिसमें समुद्र पर कंट्रोल और दुश्मन को किसी भी ऑपरेशनल आजादी से निर्णायक रूप से रोकना शामिल है। यह सहजता से भारतीय सेना के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जिसमें एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर सटीक और सुनियोजित मारक क्षमता से शत्रु के इरादों को विफल कर देते हैं। इनके पीछे आकाश वायु रक्षा प्रणाली खड़ी है, जो भारत की बहुस्तरीय और एकीकृत वायु रक्षा कवच तथा अभेद्य हवाई क्षमता का प्रतीक है।

झांकी के केंद्र में हमले की कहानी सामने आती है, जो भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत के नए नॉर्मल को दिखाती है- तेजी से जवाब देना, कंट्रोल्ड तरीके से आगे बढ़ना और बिना किसी चूक के सटीकता। एक हारोप मिसाइल ने दुश्मन के हवाई रक्षा रडार को नष्ट कर दिया, जो मानवरहित सटीक युद्ध में भारत की बढ़ती बढ़त को दर्शाता है। इसके बाद, स्कैल्प मिसाइलों से लैस एक राफेल विमान ने आतंकी ढांचे पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। इसके बाद, स्कैल्प मिसाइलों से लैस राफेल विमान ने आतंकी ढांचे पर सटीक हमला किया। एसयू-30 एमकेआई ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल दागकर मजबूत विमान आश्रयों को नष्ट कर दिया, जिससे हमले की गति और तेज हो गई, यह भारत की गहरी, तीव्र और त्रुटिहीन आक्रमण करने की क्षमता का स्पष्ट प्रदर्शन था।

 

–आईएएनएस

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