राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय ने राज्यों और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से कहा है कि पुलिस रिपोर्ट के प्रारंभिक विश्लेषण को आधार बनाकर दुर्घटना की आशंका वाली जगहों पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। मंत्रालय ने कहा कि इन सुधारात्मक कदमों के लिए हादसे की आशंका वाली जगहों को ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित करने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। इसके स्थान पर राज्य सरकार और एनएचएआई इन जगहों से संबंधित पुलिस रिपोर्ट के विश्लेषण को आधार बना सकते हैं।
Highlights
- दुर्घटना-बहुल जगहों पर सुधार के लिए पुलिस रिपोर्ट को आधार बनाएं
- कोशिशों के बीच यह परिपत्र जारी किया
- कार्ययोजना बनाने के लिए लॉगिन आईडी जारी की गई
कोशिशों के बीच यह परिपत्र जारी किया
मंत्रालय ने सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं और इनमें कमी लाने की कोशिशों के बीच यह परिपत्र जारी किया है। इसमें दुर्घटना स्थलों पर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन से संबंधित मुद्दों को ठीक करने के लिए फौरन कदम उठाने को कहा गया है। सभी सड़क हादसों के बारे में पुलिस की तरफ से संबंधित जानकारी को ईडीएआर मंच पर दर्ज कराया जाता है।
कार्ययोजना बनाने के लिए लॉगिन आईडी जारी की गई
मंत्रालय ने कहा कि सभी अधिशासी अभियंताओं को दुर्घटना स्थलों पर जाने और दुर्घटनाओं या मृत्यु के कारणों के प्रत्यक्ष विश्लेषण के आधार पर इंजीनियरिंग उपचारात्मक उपायों के लिए कार्ययोजना बनाने के लिए लॉगिन आईडी जारी की गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग 500 मीटर के ऐसे हिस्से जहां तीन वर्षों में कम-से-कम पांच दुर्घटनाएं और उनकी वजह से 10 मौतें हुई हैं, उन्हें ‘ब्लैक स्पॉट’ के रूप में नामित किया जाता है।


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