भारत में 72,000 ईवी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपए आवंटित

Summary :

भारत में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

केंद्र सरकार ने ‘पीएम ई-ड्राइव योजना’ के तहत 2,000 करोड़ रुपए की सहायता से 72,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की है। यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों, मेट्रो शहरों और अन्य हाई-ट्रैफिक क्षेत्रों में क्लीनर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ग्रीन इकोनॉमिक ग्रोथ की नींव रखी जा सके।

केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि 2,000 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ, ‘पीएम ई-ड्राइव योजना’ देश भर में लगभग 72,000 ईवी पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में सहायता करेगी।

भारी उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इन स्टेशनों को 50 राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों के साथ-साथ मेट्रो शहरों, टोल प्लाजा, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, फ्यूल आउटलेट और राज्य राजमार्गों जैसे हाई-ट्रैफिक वाले गंतव्यों में स्थापित किया जाएगा।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने ‘पीएम ई-ड्राइव योजना’ के तहत ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक इंटर-मिनिस्ट्रियल को-ऑर्डिनेशन मीटिंग की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य क्लीनर ट्रांसपोर्ट को सक्षम करने और जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी ईवी-रेडी इकोसिस्टम का निर्माण करना है।

कुमारस्वामी ने कहा, “भारत सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट के लिए ग्लोबल मॉडल बनने की राह पर है। पीएम ई-ड्राइव योजना एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य हमारे नागरिकों को क्लीन, किफायती और सुविधाजनक मोबिलिटी विकल्पों तक पहुंच प्रदान करना है। हम केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं बना रहे हैं, हम एनर्जी सिक्योरिटी और ग्रीन इकोनॉमिक ग्रोथ की नींव रख रहे हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने इस पहल के क्रियान्वयन में विभिन्न हितधारकों की एकीकृत भूमिका को भी स्वीकार किया। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) को मांग एकत्रीकरण और एक यूनिफाइड डिजिटल सुपर ऐप के विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में माना जा रहा है, जो पूरे भारत में ईवी यूजर्स के लिए एक सिंगल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा।

ऐप में पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत नेशनल डिप्लॉयमेंट को ट्रैक करने के लिए रियल-टाइम स्लॉट बुकिंग, पेमेंट इंटीग्रेशन, चार्जर उपलब्धता की स्थिति और प्रोग्रेस डैशबोर्ड की सुविधा होगी।

बीएचईएल चार्जर इंस्टॉलेशन के प्रस्तावों को संकलित करने और उनका मूल्यांकन करने के लिए राज्यों और मंत्रालयों के साथ समन्वय भी करेगा।

कुमारस्वामी ने कहा, “क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन अकेले सफल नहीं हो सकता। यह मीटिंग सरकार के रूप में काम करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और राज्य, सभी जमीनी स्तर पर परिणाम देने के लिए एकजुट हैं। हमें विश्वास है कि पीएम ई-ड्राइव नए उद्योगों को बढ़ावा देगा, हरित रोजगार पैदा करेगा और हर भारतीय को निर्बाध इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रदान करेगा।”

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