मिडिल ईस्ट से भारतीयों को लाने का हरसंभव प्रयास, कूटनीति का सहारा जरूरी, जानें राज्यसभा में विदेश मंत्री की 5 बड़ी बातें

Summary :

S jaishankar on Iran War: मिडिल ईस्ट में 10वें दिन भी जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं। हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए। वहीं जंग के बीच फंसे लोगों को बाहर निकालन के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है।…

S jaishankar on Iran War: मिडिल ईस्ट में 10वें दिन भी जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं। हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए। वहीं जंग के बीच फंसे लोगों को बाहर निकालन के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है।

S jaishankar on Iran War: आर्मेनिया के रास्ते का इस्तेमाल

S jaishankar on Iran War
S jaishankar on Iran War (Source: Social media)

जयशंकर ने सदन में बताया कि सरकार ने क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर अपनी आशंकाओं को पहले ही व्यक्त कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट सुरक्षा समिति इस संकट से निपटने में एक्टिव रूप से लगी हुई है। क्षेत्रीय संघर्ष और इस क्षेत्र में भारतीयों तथा भारतीय यात्रियों को होने वाली कठिनाइयों” को लेकर चिंतित है। मिडिल ईस्ट के कई देशों में भारतीय लोग रहते है और उन्हें जंग से निकालने आर्मेनिया के रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा है। फंसे भारतीयों को खाड़ी देशों से आर्मेनिया के रास्ते भारत लाया जा रहा है।

S jaishankar on Iran War: राज्यसभा में विदेश मंत्री की 5 बड़ी बातें

  • जयशंकर ने सदन में बताया कि भू-राजनीतिक वातावरण में काफी गिरावट आई है। क्षेत्र में स्थिति और भी खराब हो गई है और अन्य देशों में भी फैल गई है।
  • भारत सरकार शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और बताया कि संवाद और कूटनीति सभी पक्षों के लिए तनाव कम करने का एकमात्र रास्ता है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब, ओमान, जॉर्डन, इजरायल और बहरीन के राष्ट्राध्यक्षों से बात की। हम सभी से तनाव कम करने का आग्रह कर रहे हैं।
  • खाड़ी देशों में भारतीय उपस्थिति अधिक होने के कारण इस संघर्ष के भारत के लिए गंभीर परिणाम होंगे। यह संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है। खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। ईरान में भी कुछ हजार भारतीय अध्ययन और रोजगार के लिए मौजूद हैं।
  • विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत के लिए इस क्षेत्र के रणनीतिक और आर्थिक महत्व पर भी बात करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया देश की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।