संविधान दिवस समारोह: सिंघानिया विश्वविद्यालय में गूंजा संदेश- हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान, अतिथियों ने किया वृक्षारोपण

Summary :

Samvidhan Divas Samaroh: सिंघानिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ द्वारा 26 नवंबर को संविधान दिवस बड़े हर्ष एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के औपचारिक प्रारंभ से पहले एडमिन ब्लॉक में लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्कूलों से आये हुए विद्यार्थियों ने भारतीय संविधान के महत्व और उसकी मूल भावना पर अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा वृक्षारोपण के साथ हुआ। Singhania Vishwavidyalaya: अतिथियों का पारंपरिक तरीके से किया गया स्वागत इसके बाद विश्वविद्यालय के शेखवाटी सभागार में अतिथियों का पारंपरिक तिलक, शॉल और मोमेंटो भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम…

Samvidhan Divas Samaroh: सिंघानिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ द्वारा 26 नवंबर को संविधान दिवस बड़े हर्ष एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के औपचारिक प्रारंभ से पहले एडमिन ब्लॉक में लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न स्कूलों से आये हुए विद्यार्थियों ने भारतीय संविधान के महत्व और उसकी मूल भावना पर अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा वृक्षारोपण के साथ हुआ।

Singhania Vishwavidyalaya: अतिथियों का पारंपरिक तरीके से किया गया स्वागत

इसके बाद विश्वविद्यालय के शेखवाटी सभागार में अतिथियों का पारंपरिक तिलक, शॉल और मोमेंटो भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में संदीप नेहरा (चेयरमैन, नोबल ग्रुप ऑफ एजुकेशन), विकास दौराता (निदेशक, कृष्णा पब्लिक स्कूल, डूमोली-खुर्द ), राव अजीत सिंह,( समाज सेवी, संतोर), अधिवक्ता सुरेंदर यादव, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन बुहाना ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विश्वविद्यालय के कैंपस डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) पी.एस. जस्सल ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन किया।

Samvidhan Divas Samaroh
Samvidhan Divas Samaroh

Samvidhan Divas Samaroh: ये लोग मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे अधिवक्ता अजीत सिंह तंवर, अध्यक्ष बार एसोसिएशन खेतड़ी ने सिंघानिया विश्वविद्यालय की सराहना की। उन्होंने संविधान को समाज की आत्मा बताया तथा बाबा भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। राव साहब ने अपने संबोधन में समय के सदुपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शिक्षा और संस्कारों को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि शिक्षा कभी भी केवल धन कमाने का माध्यम नहीं होनी चाहिए। संदीप नेहरा जी ने संविधान के प्रत्येक पहलू पर गहन चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को इसके महत्व से अवगत कराया।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।