नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शन समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष के प्रदर्शन, एनआरसी की उठ रही मांग, मोहन भागवत की धर्म संबंधी टिप्पणी, कैप्टन स्मित मच्छर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत और अखिलेश यादव की विपक्षी एकता की अपील पर अपनी बेबाक राय रखी।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर उदित राज ने कहा कि संसद से अब अपेक्षित तरीके से मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा है। सत्ता पक्ष विपक्ष की बात सुनने और बहस के लिए तैयार नहीं है। जब संसद में प्रभावी तरीके से बात नहीं सुनी जाती तो लोगों का सड़क पर उतरना स्वाभाविक है। उदित राज ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कथित तौर पर की गई सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के मौके पर जब वह संसद की ओर जा रहे थे, तो चारों तरफ कड़ी सुरक्षा दिखाई दी। संविधान और मतदाता के अधिकार की बात करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे वे कोई गंभीर खतरा हों। उन्होंने इंटरनेट शटडाउन को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि भारत में इंटरनेट बंद किए जाने के मामले बड़ी संख्या में सामने आते हैं।
कैप्टन स्मित मच्छर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉल में की गई टिप्पणी को लेकर उदित राज ने कहा कि किसी सार्वजनिक व्यक्ति के प्रति सम्मान जताना एक सामान्य भाव हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कैप्टन की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह कैप्टन ने मुश्किल परिस्थिति में विमान और यात्रियों की सुरक्षा संभाली, वह सराहनीय है और उनकी बहादुरी को सलाम किया जाना चाहिए। इस घटना से देश का नाम ऊंचा हुआ है।
आरएसएल प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर कि धर्म संकट में होगा तो देश भी संकट में होगा, उदित राज ने कहा कि धर्म और देश को अलग-अलग समझना चाहिए। धर्म एक विचार है और समय के साथ लोगों के धार्मिक विचार और आस्थाएं बदल सकती हैं, लेकिन मानवता संकट में नहीं पड़नी चाहिए। देश और मानवता की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। मानवता, धरती और सृष्टि को किसी एक धार्मिक विचार से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
देशभर में एनआरसी लागू करने को लेकर आरएसएस की मांग पर उदित राज ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि इसके लिए मापदंड क्या होंगे। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का काम मतदाता सूची तैयार करना और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में डेटा और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण दिए जाने के प्रावधान पर भी आपत्ति जताई और कहा कि चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कांग्रेस पर किए गए हमले का जवाब देते हुए उदित राज ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर ही सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भगवंत मान पहले अपनी सरकार और पार्टी की स्थिति संभालें, उसके बाद कांग्रेस पर टिप्पणी करें। उन्होंने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व और सरकार के कामकाज को लेकर भी कटाक्ष किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के उस बयान पर कि कोई सामने आकर बताए कि इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से उसकी गाड़ी खराब हुई है, उदित राज ने कहा कि इस मुद्दे पर जनता की राय महत्वपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि लोगों में इसे लेकर नाराजगी है और इस मामले में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को जवाब देना चाहिए।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के इस बयान पर कि भाजपा को हराने के लिए जो भी उनके साथ आना चाहता है, उसका स्वागत किया जाएगा, उदित राज ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में विपक्षी एकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा सर्वोपरि है। भाजपा के खिलाफ जो भी राजनीतिक दल या समूह खड़ा होना चाहता है, विपक्ष को उसके साथ मिलकर आगे बढ़ने पर विचार करना चाहिए।
–आईएएनएस
पीएसके
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