चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 14 मई को अगली सुनवाई

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SC on Election Commissioners Selection: आज चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की और कहा, “काश जजों की नियुक्ति भी चुनाव आयुक्तों की तरह ही जल्द होती.” यह सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच कर रही है. बेंच ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया ने कहा कि विपक्ष के नेता से प्रभावी परामर्श किए बिना ही चुनाव आयुक्तों…

SC on Election Commissioners Selection: आज चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की और कहा, “काश जजों की नियुक्ति भी चुनाव आयुक्तों की तरह ही जल्द होती.”

यह सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच कर रही है. बेंच ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया ने कहा कि विपक्ष के नेता से प्रभावी परामर्श किए बिना ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति जल्दबाजी में की गई.

2024 में नए कानून के अनुसार चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए एक अर्जी दायर की गई थी. हंसारिया ने दावा किया कि अदालत में अर्जी की सुनवाई से पहले ही केंद्र सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए जल्दबाजी में कदम उठाए.

SC on Election Commissioners Selection: नियुक्ति में जल्दबाजी का आरोप

SC on Election Commissioners Selection
SC on Election Commissioners Selection (Source: Social Media)

वकील विजय हंसारिया ने कहा 13 मार्च 2024 को विपक्ष के नेता को 200 चयनित नामों की सूची दी गई थी. अगले दिन चयन समिति की बैठक हुई और ज्ञानेश कुमार और सुखबीर संधू के नाम चुने गए. हंसारिया ने आगे कहा कि जब आप एक व्यक्ति को पूर्ण शक्ति दे देते हैं तो यही होता है. विपक्ष के नेता से एक दिन में इतने सारे नामों की जांच करने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है?

इस पर जस्टिस दीपांकर दत्ता ने टिप्पणी की और कहा कि हम केवल यही कह सकते हैं कि हम जजों की नियुक्ति में विशेष रूप से HC के जजों की नियुक्ति में ऐसी ही तत्परता की कामना करते हैं.

Next Hearing Date Fixed: अगली सुनवाई की डेट तय

बेंच इस बात से सहमत नहीं थी कि केंद्र ने स्टे एप्लीकेशन की सुनवाई को पटरी से उतारने के लिए जल्दबाजी में नियुक्तियां कीं. सुनवाई के दौरान जस्टिस दत्ता ने पूछा कि क्या आप हमें यह दिखाए बिना कोई मकसद बता सकते हैं कि केंद्र को 15 तारीख के बारे में जानकारी थी? जब आप चाहते हैं कि हम यह घोषित करें कि किसी मकसद से कुछ एक्टिवेट किया गया था, तो आपको हमें यह भी सैटिस्फाई करना होगा कि यूनियन को भी पता था कि 15 तारीख ही तारीख है और इसलिए, इसे (सिलेक्शन) 14 तारीख को आगे बढ़ाया गया.”

हंसारिया ने माना कि उनके पास केंद्र की तरफ से ऐसी जानकारी साबित करने के लिए कोई मटीरियल नहीं है. जस्टिस दत्ता ने कहा, “इसे यहीं छोड़ देते हैं.” मामले की अगली सुनवाई 14 मई को होगी.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।