नई दिल्ली: दुनिया के सात अजूबों में शामिल मोहब्बत की निशानी ताज महल परिसर की मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने से बाहरी लोगों को रोकने के आगरा प्रशासन के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका उच्चतम न्यायालय ने की खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ताज महल दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक है। लोग दूसरी मस्जिदों में भी नमाज अदा कर सकते हैं दरअसल ताज महल के अंदर बनी मस्जिद में हर शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की जाती है जिसमें स्थानीय लोग हिस्सा लेते हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन को सूचना मिली कि कुछ बाहरी लोग भी इसमें ले रहे हैं। इससे प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा माना और स्थानीय लोगों को ही पहचान पत्र के आधार पर अंदर जाने देनी की इजाजत देने का नियम बना दिया।
आगरा प्रशासन की ओर से फैसले के खिलाफ कोर्ट में चुनौती दी गई और कहा गया है कि मस्जिद सभी मुस्लिमों को नमाज अदा करने का अधिकार है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुये सुप्रीम कोर्ट ने सभी को नमाज अदा करने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुये कहा कि कोर्ट ने कहा कि ताज महल दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक है। लोग दूसरी मस्जिदों में भी नमाज अदा कर सकते हैं।


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