नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कक्षा 3 से 8 के लिए एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पाठ्यक्रम लॉन्च किया। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी भी मौजूद रहे।
यह शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत से ही स्कूली शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की व्यवस्थित जानकारी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विकसित और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों के माध्यम से लागू किया गया यह पाठ्यक्रम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन के अनुरूप, डिजिटल क्षमताओं और नवाचार-उन्मुख शिक्षा के शुरुआती विकास में सहायता करता है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भारत सरकार ने हमारे देश के स्कूली बच्चों को विश्व-स्तरीय, अत्याधुनिक ज्ञान देने का संकल्प लिया है। इस संबंध में विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के मामले में, हमने पहले ही 2026-27 तक दो मुख्य लक्ष्यों, ‘शिक्षा में एआई’ और ‘शिक्षा के लिए एआई’, को हासिल करने की अपनी मंशा की घोषणा की थी। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, सीबीएसआई ने एक विशेषज्ञ अकादमिक समिति के माध्यम से कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए एक व्यापक पाठ्यक्रम पेश किया है।
उन्होंने कहा कि हमारा अंतिम लक्ष्य भारत को एक वैश्विक एआई सुपर-हब बनाना है। हालांकि, हम यह मानते हैं कि जब तक हम नई पीढ़ी को तैयार करने पर जोर नहीं देंगे, तब तक हम वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं डाल पाएंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक्स पोस्ट के माध्यम से बताया कि क्लास तीसरी से आठवीं तक के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग का पाठ्यक्रम लॉन्च किया गया है। यह शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में, भविष्य के लिए तैयार शिक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस पहल के जरिए, स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़े पैमाने पर और औपचारिक रूप से, व्यवस्थित एआई शिक्षा की शुरुआत की गई है। व्यवस्थित मॉड्यूल्स, शिक्षकों के लिए विस्तृत हैंडबुक्स और छात्रों के मूल्यांकन के मजबूत ढांचों के सहयोग से, यह पहल उभरती हुई तकनीकों से शुरुआती और व्यवस्थित परिचय सुनिश्चित करती है, जिससे कल के शिक्षार्थियों के लिए एक मजबूत नींव तैयार होती है।
जैसे-जैसे तकनीक-आधारित कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भारत का नेतृत्व वैश्विक पहचान बना रहा है, यह पाठ्यक्रम छात्रों को डिजिटल भविष्य के साथ सार्थक रूप से जुड़ने और उसे आकार देने के लिए सशक्त बनाएगा।
–आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम
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