उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि वैज्ञानिकों एवं अनुसंधानकर्ताओं के लिए आवश्यक है कि वे वैश्विक तापमान में इजाफे के मुद्दों का समाधान करें जिसके कारण चरम मौसम और सूखा जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं और जनजीवन, पौधे और जानवर प्रभावित हो रहे हैं।
नायडू ने यहां राष्ट्रीय जलवायु अनुसंधान प्रयोगशाला (एनएआरएल) में वैज्ञानिकों, युवा अनुसंधानकर्ताओं और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जैसा हम सब अवगत हैं हर दिन मौसम और जलवायु नयी चुनौतियां पेश कर रहे हैं और परिणामस्वरूप हम वैश्विक तापमान और विषम मौसम, चक्रवाती तूफान, झंझावात, मूसलाधार बारिश और सूखे जैसी स्थितियों का सामना कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन से कृषि के साथ ही अर्थव्यवस्था पर भी असर हो रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यहां की प्रमुख प्रयोगशालाओं का दौरा करने के बाद मुझे चल रहे कार्य और भविष्य के कार्यों के बारे में पता चला।’


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