सत्ता-संगठन की नब्ज टटोल टास्क देकर गए शाह

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रायपुर : चुनावी वर्ष में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह छत्तीसगढ़ को लेकर टोह ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ के संक्षिप्त दौरे में विमानतल पर ही भाजपा नेताओं की बैठक लेकर उन्होंने चुनावी टास्क भी सौंप दिए हैं। राज्य में सत्ताधारी दल की चुनावी तैयारियों को अहम माना जा रहा है। इस मामले में नए सिरे से कवायदें भी शुरू हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक अमित शाह अब अप्रैल माह में फिर आएंगे। वहीं मौजूदा टास्क की विस्तृत समीक्षा करेंगे। विमानतल पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में अमित शाह ने अधिक सवाल नहीं किए। बल्कि मुख्यमंत्री और भाजपा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के तर्कों को सिर्फ सुनते रहे। इस मामले में उन्होंने राज्य सरकार और संगठन को चुनावी टास्क सौंपे हैं। वहीं इसे अप्रेल माह में ही दौरे में क्रियान्वयन की जानकारी देने कहा है।

राजधानी के विमानतल हुई इस बैठक के कई सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ के चुनावी मिशन को गंभीरता से लिया है। प्रदेश प्रभारी अनिल जैन के साथ वे सीधे ओडि़शा के लिए रवाना हो गए। इससे पहले हुई बैठक में सुबे की नजरें टिकी हुई है। हालांकि शाह की मौजूदगी में हुई इस बैठक में चुनिंदा नेताओं को ही शामिल होने की अनुमति मिली। वहीं कई आला पदाधिकारियों को बाहर ही इंतजार करना पड़ा।

सूत्र यह भी दावा करते हैं कि उन्होंने पिछली बार अपनी तरफ से सौंपे गए टास्क के साथ मिशन 65 की तैयारियों पर भी पूरी जानकारी मांगी है। अमित शाह ने मुख्यमंत्री रमन सिंह से कहा है कि वे जल्दी ही छत्तीसगढ़ के दौरे में पहुंचकर विस्तृत समीक्षा करेंगे। इस दौरान यह भी फीड बैक दिया गया कि मीडिया के जरिए जो सर्वे रिपोर्ट आ रही है इसमें भाजपा की सरकार बन रही है। हालांकि भाजपा अध्यक्ष ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। बल्कि सत्ता और संगठन को टास्क पूरा करने के निर्देश जरूर दिए हैं।

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Desk Team