शामली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। शामली में सोमवार देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान बदमाश और पुलिस में मुठभेड़ हो गई, जिसमें 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश गौतम दाहिने पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार सिम्भालका अंडरपास के नीचे वाहनों की जांच कर रही कोतवाली शामली पुलिस को मेरठ की ओर से तेज रफ्तार बाइक सवार आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने पीछा किया। चकरोड़ पर बाइक फिसलने के बाद बदमाश ने दोबारा गोली चलाई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश गौतम दाहिने पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस ने घायल बदमाश को गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस, दो कारतूस और बिना नंबर प्लेट की पैशन मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार गौतम पांच जुलाई को हुए जानलेवा हमले के मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात सिम्भालका अंडरपास के नीचे चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान मेरठ की तरफ से बाइक सवार आता दिखाई दिया। रुकने का इशारा करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और बलवा चौराहे की ओर भाग निकला। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपी मुख्य मार्ग छोड़कर बलवा गांव की ओर जाने वाली चकरोड़ पर पहुंच गया।
चकरोड़ पर अचानक बाइक फिसलने से बदमाश गिर गया। पुलिस टीम के नजदीक पहुंचने पर उसने फिर तमंचे से गोली चलाई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल होकर गिरने के बाद पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया और अस्पताल पहुंचाया।
गौतम लिलौन निवासी आजाद का पुत्र बताया गया है। पुलिस के अनुसार वह पांच जुलाई की रात रविंद्र कुमार पर हुए जानलेवा हमले में वांछित था। आरोप है कि गौतम और विनीत उर्फ सोनी ने रविंद्र के घर के बाहर गाली-गलौज की थी। विरोध करने पर दोनों ने तमंचे से फायरिंग की थी। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने विनीत को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि गौतम फरार चल रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गौतम के खिलाफ शामली जिले के अलग-अलग थानों में 13 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, गुंडागर्दी निवारण अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2009 से आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस अब फरारी के दौरान उसके संपर्कों और हथियार के स्रोत की जांच कर रही है।
–आईएएनएस
एसएके/एएस
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



