Delhi University Students Union Election: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद विश्वविद्यालय ने चुनाव आचार संहिता जारी कर दी है। इसमें उम्मीदवारों की पात्रता, प्रचार के तरीके, चुनावी खर्च और मतदान प्रक्रिया को लेकर विस्तृत नियम तय किए गए हैं। प्रत्याशी चुनाव प्रचार पर अधिकतम पांच हजार रुपये खर्च कर सकेंगे। चुनाव परिणाम घोषित होने के दो सप्ताह के भीतर खर्च का पूरा ऑडिटेड ब्योरा संबंधित विश्वविद्यालय या कॉलेज को देना अनिवार्य होगा। निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने पर उम्मीदवारी या निर्वाचित सीट रद्द की जा सकती है।
उम्र और शैक्षणिक योग्यता की शर्तें चुनाव में केवल विश्वविद्यालय के पूर्णकालिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले नियमित छात्र ही प्रत्याशी बन सकेंगे। स्नातक स्तर के उम्मीदवारों की उम्र 16 अगस्त को 17 से 22 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पेशेवर पाठ्यक्रमों के मामले में अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष तक की छूट दी जा सकती है।
वहीं, स्नातकोत्तर छात्रों के लिए अधिकतम आयु 25 वर्ष निर्धारित की गई है। किसी भी विषय में पेपर लंबित होने वाला छात्र चुनाव नहीं लड़ सकेगा। पिछले शैक्षणिक सत्र में फेल होने या वर्तमान सत्र में दोबारा दाखिला लेने वाले छात्र भी अयोग्य होंगे। प्रत्याशी के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। कोई छात्र पदाधिकारी के पद के लिए केवल एक बार और कार्यकारी सदस्य के पद के लिए अधिकतम दो बार चुनाव लड़ सकेगा।
एक प्रत्याशी एक साथ दो पदों के लिए मैदान में नहीं उतर सकेगा। सुबह आठ से रात आठ बजे तक प्रचार आचार संहिता के अनुसार चुनाव प्रचार का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रचार के दौरान प्रत्याशी के साथ अधिकतम चार विद्यार्थी ही रह सकेंगे। छपे हुए पोस्टर, पर्चे और अन्य मुद्रित प्रचार सामग्री का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा।
उम्मीदवार केवल हाथ से बनाए पोस्टर का इस्तेमाल कर सकेंगे और इन्हें भी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही लगाया जा सकेगा। प्रचार के लिए लाउडस्पीकर, वाहनों या जानवरों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। किसी किरदार या पोशाक को मैस्कॉट के तौर पर इस्तेमाल करने पर भी रोक रहेगी। विश्वविद्यालय या कॉलेज की संपत्ति, वेबसाइट अथवा फेसबुक पेज को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में संबंधित उम्मीदवार और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मतदान केंद्र से 100 मीटर तक प्रचार प्रतिबंधित मतदाताओं को किसी तरह का लालच देने, पैसे बांटने, धमकाने या किसी अन्य छात्र के नाम पर मतदान करने की कोशिश पर सख्त रोक रहेगी। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा।
मतदान समाप्त होने से 24 घंटे पहले सार्वजनिक बैठक आयोजित करने और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
आचार संहिता का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द करने के साथ उसकी जीती हुई सीट भी रद्द की जा सकती है। इसके अलावा विश्वविद्यालय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। शिकायतों के लिए बनेगा प्रकोष्ठ
चुनाव संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए एक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा।
इसकी अध्यक्षता डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर करेंगे। प्रकोष्ठ में एक वरिष्ठ शिक्षक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के अलावा अंतिम वर्ष का एक छात्र और एक छात्रा शामिल होंगे। चुनाव के दौरान सामने आने वाली आपत्तिजनक घटनाओं की जानकारी पुलिस को 12 घंटे के भीतर देने का भी प्रावधान आचार संहिता में किया गया है।
अधिकृत स्टीकर के बिना गाड़ी की एंट्री नहीं
प्रशासन के अनुसार डूसू चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के वाहनों की पहचान के लिए प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से अधिकृत स्टीकर जारी किए जाएंगे। केवल स्टीकर लगे वाहनों को ही विश्वविद्यालय परिसर और कॉलेजों में प्रवेश की अनुमति होगी। बिना अधिकृत स्टीकर के किसी वाहन को कैंपस में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्याशी अपने वाहनों को सड़क के किनारे, सड़क के दोनों ओर या फुटपाथ पर खड़ा नहीं कर सकेंगे। वाहनों को सिर्फ निर्धारित और अधिकृत पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करना होगा।
नशे के इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई
चुनाव प्रचार के दौरान शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ के इस्तेमाल को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। किसी प्रत्याशी अथवा उसके समर्थक के वाहन में नशीले पदार्थ का सेवन पाए जाने या विश्वविद्यालय परिसर की पार्किंग और सड़क किनारे ऐसी गतिविधि सामने आने पर संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले में प्रत्याशी का नामांकन रद करने तक का निर्णय लिया जा सकता है।
प्रचार सामग्री को लेकर भी निर्देश
डूसू चुनाव प्रचार में पर्चे और अन्य मुद्रित प्रचार सामग्री के इस्तेमाल को लेकर पहले से जारी प्रतिबंधों का भी पालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रचार के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाना भी चुनाव आचार नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सभी छात्र संगठनों और प्रत्याशियों से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से प्रचार करने की अपील की गई है।
प्रॉक्टर कार्यालय ने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। नियमों को नजरअंदाज करने वाले प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से वंचित किया जा सकता है। वहीं, यदि किसी मामले में गंभीर उल्लंघन सामने आता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे चुनाव को रद करने जैसी कड़ी कार्रवाई पर भी विचार कर सकता है।



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