Delhi Government : दिल्ली सरकार गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर यमुना नदी के तट का कायाकल्प करने की तैयारी कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा दिल्ली के जल, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर की। दरअसल मंत्री इस समय दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गुजरात के अध्ययन दौरे पर हैं। अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट का निरीक्षण का वीडियो शेयर कर मंत्री प्रवेश साहिब ने कहा कि यमुना नदी वर्तमान में जिन समस्याओं का सामना कर रही है, वही समस्याएं 25 से 30 साल पहले साबरमती में भी मौजूद थीं। गुजरात सरकार ने जिस मॉडल और तकनीकों से साबरमती को पुनर्जीवित किया है, उन बेस्ट प्रैक्टिसेज को गहराई से समझा जा रहा है ताकि उन्हें दिल्ली की जरूरतों के अनुसार लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच ने साबरमती नदी और पूरे शहर के कायाकल्प का रास्ता दिखाया है। इसी मॉडल का अध्ययन कर दिल्ली में यमुना के विकास के लिए उपयोगी तौर-तरीकों को अपनाया जाएगा। प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि साबरमती रिवरफ्रंट का विकास इस बात का उदाहरण है कि किस तरह नदी और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित, स्वच्छ और आकर्षक बनाया जा सकता है। अध्ययन दौरे के दौरान यमुना के लिए भी ऐसी ही व्यापक संभावनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि साबरमती मॉडल की बेहतरीन व्यवस्थाओं और अनुभवों का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद दिल्ली की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोगी व्यवस्थाओं को यमुना के विकास में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यमुना दिल्ली की पहचान और जीवनरेखा है। सरकार इसे उसका पुराना गौरव लौटाने के लिए प्रतिबद्ध है। यमुना के विकास से न केवल नदी का स्वरूप बदलेगा, बल्कि दिल्लीवासियों को एक आधुनिक और आकर्षक नदी तट भी मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि योजनाबद्ध प्रयासों से यमुना को स्वच्छ और सुंदर बनाकर दिल्ली को उसकी जरूरत के अनुरूप विश्वस्तरीय रिवरफ्रंट मिल सकेगा।
यमुना तट पर बनेंगी ये आधुनिक सुविधाएं …
दिल्ली सरकार की योजना यमुना के किनारे बड़े और सुंदर पार्क, साइकिल ट्रैक और विभिन्न खेलों के लिए स्पोर्ट्स ग्राउंड विकसित करने की है। इसके अतिरिक्त, कालिंदी कुंज में यमुना तट पर 60 करोड़ की अनुमानित लागत से एक भव्य और आधुनिक छठ घाट का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी। धोबी घाटों का आधुनिकीकरण और प्रदूषण पर लगाम गुजरात में साबरमती तट पर स्थित धोबी घाटों की समस्या का समाधान उन्हें स्थानांतरित करके और मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री मशीनें लगाकर किया गया था।
दिल्ली सरकार भी इसी मॉडल पर विचार कर रही है ताकि पारंपरिक धोबी घाटों के कारण होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके। इसके अलावा, यमुना में गिरने वाले सीवेज और डेयरी कचरे को साफ करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली जल बोर्ड में वित्तीय और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कैग रिपोर्टों की समीक्षा एक विशेष समिति द्वारा की जा रही है।



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