वीर सावरकर पर सवाल पूछने वाला शिक्षक हुआ सस्पेंड तो भड़का शिक्षक संघ, जाने पूरा मामला

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Teacher Suspended In Kerala For Asking Questions On Veer Savarkar : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर दिल्ली प्रदेश (विद्यालय शिक्षा) इकाई के तत्वावधान में शिक्षकों ने सोमवार को डीएम दफ्तर के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कई डीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केरल के कासरगोड जिले के कुंबला सब-डिस्ट्रिक्ट में आयोजित विद्यालयी सोशल साइंस फ्रीडम क्विज में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछे जाने पर शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन को तत्काल एवं अविलंब वापस लेने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रदेश…

Teacher Suspended In Kerala For Asking Questions On Veer Savarkar : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर दिल्ली प्रदेश (विद्यालय शिक्षा) इकाई के तत्वावधान में शिक्षकों ने सोमवार को डीएम दफ्तर के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, केरल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कई डीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केरल के कासरगोड जिले के कुंबला सब-डिस्ट्रिक्ट में आयोजित विद्यालयी सोशल साइंस फ्रीडम क्विज में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित प्रश्न पूछे जाने पर शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन को तत्काल एवं अविलंब वापस लेने की मांग की गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार पालीवाल ने कहा कि सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तित्व हैं। उनके क्रांतिकारी जीवन, ब्रिटिश शासन द्वारा दिए गए कठोर दंड व अंडमान की सेलुलर जेल में उनके कारावास का अध्ययन इतिहास का स्वाभाविक हिस्सा है। सावरकर पर प्रश्न पूछना न अपराध है, न अनुशासनहीनता और न किसी राजनीतिक मत का प्रचार। उनके विचारों से सहमति-असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व को इतिहास से बाहर नहीं किया जा सकता।

प्रदेश महामंत्री डॉ.अजय कुमार सिंह ने कहा कि यदि संबंधित प्रश्नावली उप जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर पर अनुमोदन के बाद विद्यालयों में प्रसारित की गई थी, तो किसी कथित त्रुटि के लिए केवल प्रश्न तैयार करने वाले शिक्षक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। प्रश्न की तैयारी, स्रोत, जांच और अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। धरना-प्रदर्शन के बाद महासंघ ने गुरु प्रसाद का निलंबन तत्काल एवं अविलंब वापस लेकर उन्हें सम्मानपूर्वक सेवा में बहाल करने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने व शिक्षकों की अकादमिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में जिले के बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शैक्षिक महासंघ के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Sumant Chaudhary