DSGMC Election : दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के चुनाव को लेकर गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में अब तक पूरी की गई प्रक्रिया और आगे की प्रस्तावित समय-सारणी का विस्तृत ब्योरा दिया है। निदेशालय ने 46 गुरुद्वारा वार्डों में चुनाव प्रक्रिया पूरी कर 27 फरवरी 2027 तक मतदान कराने का प्रस्ताव रखा है।
हलफनामे के अनुसार, 46 गुरुद्वारा वार्डों के लिए 28 फरवरी 2026 तक कुल 1,65,404 फॉर्म-2 प्राप्त हुए थे। इसके बाद मतदाता सूची के मसौदे की तैयारी के लिए आंकड़ों के डिजिटलीकरण का कार्य मार्च 2026 के चौथे सप्ताह में बाहरी एजेंसी को सौंपा गया। निदेशालय ने 8 अक्टूबर 2026 तक अंतिम फोटो मतदाता सूची की छपाई पूरी करने तथा 9 अक्टूबर 2026 तक हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा है। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसे 8 जनवरी 2027 तक पूरा करने की संभावना जताई गई है।
इसके बाद 18 जनवरी 2027 तक चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना जारी करने और 27 फरवरी 2027 तक मतदान कराने का प्रस्ताव दिया गया है। निदेशालय ने कहा है कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद परिसीमन के लिए करीब तीन महीने का समय लग सकता है। हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनगणना और विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे कार्यों के लिए कर्मचारियों की तैनाती तथा अन्य प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए पूरी चुनाव प्रक्रिया मार्च 2027 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। साथ ही यह भी कहा गया कि यह समयसीमा किसी अप्रत्याशित प्रशासनिक बाधा के उत्पन्न न होने पर निर्भर करेगी।
हलफनामे का अध्ययन कर तय करेंगे आगे की रणनीति : शंटी
डीएसजीएमसी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रंगीन फोटो वाली मतदाता सूची तैयार करने और समय पर चुनाव कराने की मांग की थी। अगस्त में हुई सुनवाई के दौरान चुनाव निदेशालय ने अदालत के समक्ष फरवरी 2027 तक मतदान कराने का प्रस्ताव रखा। इसपर शंटी ने कहा कि वह फिलहाल चुनाव निदेशालय की ओर से दाखिल हलफनामे का अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। समय पर चुनाव कराने के संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि उनके लिए सभी विकल्प खुले हैं।
वहीं, डीएसजीएमसी चुनाव को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव प्रक्रिया को तय कार्यक्रम के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के लिए आगे किसी भी तरह का अतिरिक्त विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा। 12 अगस्त 2026 को न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने सुनवाई के दौरान गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय के हलफनामे में दी गई प्रक्रिया और समयसीमा का कड़ाई से पालन करने को कहा। अदालत ने कहा कि वह डीएसजीएमसी चुनाव के लिए निदेशालय की ओर से उठाए जा रहे कदमों की निगरानी करेगी, ताकि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव संपन्न हो सकें। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 को होगी।



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