शरद यादव का दिल्ली में शक्ति प्रर्दशन : राहुल ने RSS पर बोला हमला

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नई दिल्ली :  महागठबंधन टूटने के बाद जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने बागी तेवर अपना लिए हैं। गुरुवार को उन्होंने दिल्ली में सांझी विरासत बचाओ के नाम का सम्मेलन बुलाया है। इस बैठक में 17 राजनीतिक दलों के हिस्सा लेने का दावा किया जा रहा है। सम्मेलन की शुरुआत में शरद यादव ने कहा कि देशभर में किसानों और दलितों के साथ अत्याचार हो रहा है। देश भर में बेचैनी है. शरद यादव ने कहा कि मैंने किसी को नहीं बुलाया है फिर भी हजारों लोग मेरे साथ जुड़ रहे हैं। कार्यक्रम में गुलाम नबी आजाद, रामगोपाल यादव, सीताराम येचुरी और डी राजा पहुंचे हैं।

राहुल ने बोला आरएसएस पर हमला 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी केन्द्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला बोलते हुए कहा कि संघ देश का संविधान बदलना चाहता है और सरकार भी सभी जगह संघ के लोगों को बैठा रही है।  राहुल गांधी ने कहा कि संघ कभी भी चुनाव नहीं जीत सकता। संघ की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए राहुल ने कहा कि संघ ने तिरंगे को जब तक सलामी नहीं दी, तब तक कि सत्ता नहीं मिल गई। संघ संविधान बदलने की साजिश कर रहा है।


केन्द्र सरकार पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि देशभर में किसानों की आत्महत्या से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। हर राज्य में किसान रो रहा है।

सरकार की रोजगार नीति पर हमला करते हुए राहुल ने कहा कि दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन मिला सिर्फ एक लाख को। देश का युवा काम करना चाहता है, लेकिन रोजगार नहीं है। मोदी सरकार ने वादे के अनुरूप लोगों को अब भी 15 लाख रुपए खाते में आने का इंतजार है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि मेक इंडिया पूरी तरह फेल हो चुका है। आज चारों तरफ मेड इन चाइना ही दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी चाहिए। एक तरफ देश को लूटने वाले लोग हैं तो दूसरी तरफ देश को देने वाले लोग हैं।

गुलाम नबी आजाद का वार

 

कार्यक्रम में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि शरद यादव के नेतृत्व वाली जेडीयू ही असली जेडीयू है, नीतीश वाली JDU बीजेपी की जेडीयू है. नीतीश का दावा सही नहीं है। आजाद ने कहा कि आज अंग्रेज नहीं हैं, लेकिन उनके समर्थक हैं जो भारत छोड़ो आंदोलन के समय में शामिल नहीं हुए थे। आजाद ने कहा कि ये जो समय चल रहा है वो इमरजेंसी का बाप है। लोग सड़क पर भी बात करने से डर रहे हैं। इन्होंने टॉयलेट में भी जासूसी के लिए माइक्रोफोन लगाया हुआ है। उन्होंने कहा कि शरद यादव को बधाई की उन्होंने मंत्री बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

फारुक अब्दुल्ला का हमला

 

नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि पहले हमारी जंग अंग्रेजो से थी, लेकिन अब अपनो से है। उन्होंने कहा कि मैं फक्र से कहता हूं कि मैं मुसलमान हूं। मैं एक हिंदुस्तानी मुसलमान हूं। उन्होंने कहा कि ये लोग जोड़ने की बात करते हैं लेकिन तोड़ने का काम कर रहे हैं। एक पाकिस्तान बना दिया पर अब कितने पाकिस्तान बनाओगे। उन्होंने कहा कि हम पर आरोप लगाते हैं कि हम वफादार नहीं हैं। पर सच ये है कि तुम लोग दिलदार नहीं हो। हम 1947 में आसानी से पाकिस्तान जा सकते थे, लेकिन नहीं गए। मैं उस घाटी से आया हूं जहां पर लोगों को पाकिस्तानी कहा जाता है। हम पाकिस्तानी या अंग्रेजी मुसलमान नहीं हैं हम एक हिंदुस्तानी मुसलमान हैं।

गौरतलब है कि शरद ने नीतीश के खिलाफ नारा बुंलद कर ये संदेश दे दिया है।करीब बीस साल पुरानी दोस्ती पर पूर्णविराम लग गया है। यही वजह है कि जेडयू ने शरद को राज्यसभा में अपने संसदीय दल के नेता के पद से हटा दिया गया है।

इसके अलावा उनके साथ नीतीश के खिलाफ बगावत करने वाले राज्यसभा के सांसद अली अनवर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। बिहार में शरद यादव के करीबी 21 नेताओं को पार्टी से निकाल दिया गया क्योंकि ये लोग शरद यादव की यात्रा में शामिल हुए थे। पार्टी से निकाले गए नेताओं में पूर्व मंत्री और दलित नेता रमई राम भी शामिल थे जिन्हें शरद यादव कैंप का माना जाता है।

 ऐसे में शरद यादव को अपने साथ-साथ अपने करीबी नेताओं सियासी भविष्य के लिए राह तलाश करनी है. ऐसे में उन्होंने विपक्षी पार्टी के नेताओं की बैठक बुलाई, जिसमें देश की 17 पार्टियों के नेता शामिल होंगे। इसमें कांग्रेस से राहुल गांधी और मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, सीपीएम से सीताराम येचुरी, एनसीपी से तारिक अनवर है।

Desk Team