पटना : जनता दल यूनाइटेड के विधान पार्षद प्रो. रणवीर नंदन ने कहा है कि माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी की वैदिक एवं आध्यात्मिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को जाता है। रामनवमी का हर्षोउल्लास तो इस देश की परंपरा में रहा है लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरे देश में अकेले ऐसे नेता हैं जिन्होंने भगवान राम की अराध्य शक्ति यानि माता सीता को भी प्रधानता दी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने जानकी नवमी को अवकाश घोषित कर माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी की वैदिक एवं आध्यात्मिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाया है। प्रो. नंदन ने कहा कि बिडंबना है कि त्रेता, द्वापर से लेकर कलयुग तक भगवान राम पूजनीय हैं। उस रावण भी चर्चा में है जिसने हर बुरा कार्य किया। लेकिन भगवान राम की अराध्य शक्ति माता सीता को प्रधानता नहीं मिली।
देश में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी अकेले ऐसे नेता हैं जिन्होंने भगवान राम की अराध्य शक्ति माता सीता को प्रधानता दी है जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी माता सीता के चरित्र को जाने और उसका अनुसरण करे।उन्होंने कहा कि दुखद है कि माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी इंटरनेशनल एक्सपोजर तो दूर राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रचारित नहीं किया गया। बड़ा पौराणिक महत्व रखते हुए भी पर्यटन की दृष्टि से सीतामढ़ी उपेक्षित रहा है।
लेकिन 24 अप्रैल 2018 को जानकी नवमी के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के सीतामढ़ी दौरे के बाद यह उपेक्षित नहीं रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने मां जानकी के भव्य मंदिर निर्माण और सीतामढ़ी को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए बिहार सरकार 48करोड़ खर्च करने का निर्देश दिया है जो निश्चित तौर पर इसे भव्य पर्यटन और रमणीक स्थल बनाने में सहयोगी होगी।
साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने मां जानकी के भव्य मंदिर निर्माण और पुनौरा धाम सहित सीतामढ़ी को धार्मिक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए भी कई योजनाओं का शिलान्यास भी कर दिया है। ये प्रयास सीतामढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पटल पर उभारने में कारगर होंगे।
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