सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान आकाश में दिखा गौरव और शौर्य का अद्भुत संगम: पीएम मोदी

Summary :

गिर सोमनाथ, 11 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सोमनाथ अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर आकाश में गौरव और शौर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वायु सेना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। जिसमें लिखा, “सोमनाथ अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर आकाश में गौरव और शौर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारतीय वायु सेना की ‘सूर्य किरण’ एरोबेटिक टीम ने सोमनाथ मंदिर के ऊपर अपने फ्लाईपास्ट से केसरिया…

गिर सोमनाथ, 11 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के सोमनाथ में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सोमनाथ अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर आकाश में गौरव और शौर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वायु सेना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। जिसमें लिखा, “सोमनाथ अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर आकाश में गौरव और शौर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारतीय वायु सेना की ‘सूर्य किरण’ एरोबेटिक टीम ने सोमनाथ मंदिर के ऊपर अपने फ्लाईपास्ट से केसरिया और तिरंगे की आभा बिखेर दी। श्रद्धा और शक्ति के इस दृश्य ने हर भारतीय के मन को गर्व से भर दिया।”

उन्होंने लिखा कि आज सोमनाथ में, आसमान ने गौरव और शौर्य के एक भव्य संगम का साक्षी बना। भारतीय वायु सेना की ‘सूर्यकिरण’ टीम ने एक मनमोहक ‘फ्लाईपास्ट’ का प्रदर्शन किया। भक्ति और शक्ति की इस भावना ने हर हृदय को असीम आनंद से भर दिया।

वीडियों में देखा जा सकता है कि भारतीय वायुसेना की ‘सूर्यकिरण’ टीम ने सोमनाथ मंदिर के ऊपर अपने फ्लाईपास्ट से केसरिया और तिरंगे की आभा बिखेर दी। इसके साथ ही मंदिर के ऊपर दिल बनाया। सूर्यकिरण टीम के विमानों ने जामनगर वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरी और लगभग 182 किलोमीटर की हवाई दूरी तय करके 18 मिनट के भीतर सोमनाथ पहुंचे। हॉक एमके-132 विमान उड़ाने वाले पायलट फॉर्मेशन और हवाई करतब दिखा रहे हैं।

पीएम ने लिखा कि सोमनाथ में, मैंने सरदार वल्लभभाई पटेल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी दूरदृष्टि और संकल्प ने इस मंदिर के पुनर्निर्माण में एक निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने सोमनाथ को एक बार फिर अपनी पूरी भव्यता के साथ उठते देखने का सपना देखा था। भारत के सभ्यतागत गौरव और आध्यात्मिक निरंतरता के प्रतीक के रूप में। हम अपने राष्ट्र के लिए उनकी इस दूरदृष्टि को साकार करने के प्रति सदैव समर्पित रहेंगे।

समारोहों के दौरान भारतीय वायु सेना के एक चेतक हेलीकॉप्टर ने भी मंदिर परिसर पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को आयोजित पूर्वाभ्यास उड़ानों ने सोमनाथ में पहले ही बड़ी भीड़ को आकर्षित कर लिया था, जिसमें दर्शक पायलटों द्वारा किए जाने वाले सटीक उड़ान प्रदर्शन को देखने के लिए एकत्र हुए थे।

विंग कमांडर जनमीत शर्मा ने कहा कि 15 मिनट के इस हवाई करतब ने एक-दूसरे से बेहद कम दूरी पर लड़ाकू विमान उड़ाने वाले पायलटों की विशेषज्ञता को प्रदर्शित किया। अधिकारियों ने बताया कि विमान जामनगर वायुसेना स्टेशन से रवाना हुए और लगभग 18 मिनट में सोमनाथ पहुंच गए।

1996 में स्थापित सूर्य किरण टीम ने भारत और विदेशों में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन किए हैं और इसे भारतीय वायु सेना की प्रमुख एरोबेटिक डिस्प्ले टीम माना जाता है। इस टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशारथी कर रहे थे और इसमें 13 पायलटों के साथ-साथ परिचालन सहायता कर्मी भी शामिल हैं। सोमनाथ अमृत महोत्सव, भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के मंत्री, संत, मंदिर के ट्रस्टी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

–आईएएनएस

एसएके/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.