नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के लेख पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोनिया की ओर से केंद्र सरकार की आलोचना किए जाने पर भाजपा नेताओं ने कहा कि सोनिया गांधी ने एक उंगली भाजपा की तरफ उठाई है और चार उंगली खुद की तरफ उठी है। सोनिया गांधी के तथाकथित नेतृत्व में मनमोहन सिंह की सरकार भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई थी। उस समय देश दुनिया का सबसे कमजोर देश बना था।
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के लेख पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “उनके विदेशी मूल का जिक्र क्यों नहीं होना चाहिए? क्या उन्हें माता सीता की बेटी कहा जाना चाहिए? उनकी जड़ें इटली में हैं, और इसे स्वीकार करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।”
गिरिराज सिंह ने कहा, “वह विदेशी मूल की हैं, लेकिन उन्होंने एक भारतीय परिवार में शादी की और भारत ने उन्हें अपनी बहू के रूप में अपनाया। लेकिन उन्होंने 12 साल तक भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली? उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए पोप से आशीर्वाद मांगा और उनका धर्म परिवर्तन कराया।”
सांसद तरुण चुघ ने कहा, “सोनिया जी, भारत ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की भूमि है। भारतीय संस्कृति का अपमान न करें। भारत की विरासत और विकास जिस तरह एक साथ आगे बढ़ रहे हैं और लोगों की धार्मिक आस्था में जो वृद्धि देखने को मिल रही है, वह श्री राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण, वाराणसी में काशी कॉरिडोर और स्वर्ण मंदिर के आसपास बने कॉरिडोर में साफ दिखाई देती है। यह सब आपसे पच नहीं रहा है।”
तरुण चुघ ने कहा, “श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण नहीं पच रहा है, क्योंकि आप उसको लगातार रोकने में लगी थीं। कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गई थीं। मंदिर पर फैसला न हो, इसके लिए आपके नेता कोर्ट में जाकर हलफनामा देते थे। आज भारत की संस्कृति के उत्थान को आप रोक नहीं सकती हैं।”
भाजपा सांसद ने कहा, “अगर आपको कुछ लिखना ही है तो बाटला हाउस कांड के बारे में लिखा जाना चाहिए। आपको बताना चाहिए कि जब आतंकवादी मरा था, तब आप पूरी तरह क्यों रोती रहीं। इसका जिक्र उन्हें किताब में करना चाहिए था।”
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “सोनिया गांधी ने एक उंगली भाजपा की तरफ उठाई है और चार उंगली खुद की तरफ उठी है। पिछले 12 साल में कानून का राज है, ‘सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास’ के रास्ते पर देश चल रहा है। कहीं कोई दंगा-फसाद नहीं है। कहीं भी 1984 के जैसे हालात नहीं हैं। देश में लोग मिलजुल कर रह रहे हैं और सामाजिक ताना-बाना बना हुआ है। देश तरक्की के रास्ते पर है। दुनिया में जंग का माहौल है, उसमें भी भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। पूरी दुनिया में भारत की साख बनी है। कांग्रेस के पास उसकी प्रशंसा के शब्द नहीं है और कह रहे हैं कि देश में लोकतंत्र नहीं है।”
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “आमतौर पर यह देखा गया है कि जब लोग अपनी आत्मकथा खुद लिखते हैं, तो उसमें ईमानदारी ज्यादा दिखाई पड़ती है। लेकिन ये तो पूरी तरह से बेईमानी से भरी हुई दिखाई पड़ रही है। इसमें राजनीतिक तड़का ज्यादा दिखाई पड़ रहा है और यह ऑटोबायोग्राफी नहीं बल्कि कांग्रेस की बर्बादी की दास्तान दिखाई पड़ रही है कि कैसे कांग्रेस की बर्बादी हुई और उसका ये दस्तावेज है। मुझे अपेक्षा यह थी कि मुझे उम्मीद यह थी कि वह इतनी सीनियर लीडर है, उनकी जो ऑटोबायोग्राफी होगी, थोड़ा ईमानदारी उसमें दिखाई पड़ेगी। लेकिन यह बेईमानी का पूरा पुलिंदा है।”
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने सोनिया गांधी के लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अब देखिए इटली की महारानी अगर इस तरह की बातें करती हैं तो उस पर हम क्या टिप्पणी कर सकते हैं? पर यह बात सही है कि सोनिया का वह मंसूबा नहीं पूरा हो पाया जिस मंसूबे के कारण वह इस देश की प्रधानमंत्री बनना चाहती थी। भारतीय जनता पार्टी की सरकार, नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस देश में विकास और कल्याण को स्थापित किया है। यह दुनिया जानती है और दुनिया मानती है कि नरेंद्र मोदी ने इस देश में जो किया है वह शायद पहले कभी नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी के तथाकथित नेतृत्व में मनमोहन सिंह की सरकार भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई थी। उस समय देश दुनिया का सबसे कमजोर देश बना था। नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेता के रूप में इस हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है, मान और सम्मान को बढ़ाया है। सोनिया गांधी जैसे किसी नेता, जो कि विदेशी मूल की हों, उनके सर्टिफिकेट की इस सरकार को जरूरत नहीं है।”
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा, “क्या सोनिया गांधी भारतीय समाज की परंपराओं को जानती हैं? भारतीय समाज की व्यवस्थाओं को जानती हैं? क्या उन्हें ‘जजमानी प्रथा’ के बारे में पता है? अगर आज भारतीय परंपरा को बचाने का कोई काम हुआ है, और अगर हमारे पूर्वजों द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं को बचाने के लिए किसी पार्टी ने काम किया है, तो उस पार्टी का नाम भारतीय जनता पार्टी है और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।”
उन्होंने कहा, “जिनको भारत के बारे में कुछ पता नहीं, यहां कि सभ्यता और संस्कृति, जनमानस और लोक परंपराएं के बारे में वे क्या जानती हैं। इसलिए सोनिया गांधी को चुप रहना चाहिए।”
–आईएएनएस
डीसीएच/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



