नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने इंंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान में हुई रैली और एक निजी टीवी चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए विपक्ष पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर तो सिर्फ बहाना था, असल मकसद तो तख्तापलट करने का था। उन्होंने कहा कि इसमें देश विरोधी तत्व शामिल हो गए थे। जांच होगी तो सारी हकीकत सामने आएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि विपक्ष को यह समझना होगा कि क्या तख्तापलट करके जनता के दिलों में जगह बन जाएगी। जनता के दिलों में जगह बनाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन विपक्ष को इस बात से क्या लेना देना है।
पंजाब कांग्रेस का जिक्र करते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि सबसे पहले तो उन्हें 1 नवंबर की रैली करने के लिए पंजाब की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने रैली के लिए उसी दिन को चुना, जिस दिन उन्होंने अपने सबसे बड़े पाप किए थे। कम से कम उन्हें जनता के बीच जाकर माफी मांगनी चाहिए। पंजाब के लोग यह भी देख सकते हैं कि कांग्रेस ने उन चार-पांच राज्यों में क्या किया है, जहां उन्हें शासन करने का मौका मिला था। कर्नाटक, तेलंगाना और पड़ोसी राज्य की हालत देख लीजिए। देश की जनता समझदार है, और पंजाब के लोग भी समझदार हैं। वे मौका सिर्फ उन्हीं को देंगे जिनका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा रहा हो, दिल्ली में आम आदमी पार्टी फेल हुई, कांग्रेस हर तरफ फेल है। हमने जो पंजाब की जनता से वादे किए हैं, वे पूरा करेंगे।
कांग्रेस को भस्मासुर बताते हुए भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस जिसके साथ जाती है, उसका हारना तय है। सबसे पहले कांग्रेस ने बिहार में राजद की नैया डुबो दी। बिहार चुनावों के दौरान वोट चोरी का मुद्दा उठाकर, तेजस्वी यादव का राजनीतिक भविष्य बर्बाद कर दिया। प्रधानमंत्री ने कई बार कहा है कि कांग्रेस जहां भी जाती है, भस्मासुर की तरह बर्ताव करती है। मुझे लगता है कि अखिलेश यादव को यह समझ लेना चाहिए कि कांग्रेस के साथ खड़े होने का मतलब है भस्मासुर का शिकार बनना। देश एक मजबूत और रचनात्मक विपक्ष चाहता है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के रिजीम चेंज वाले बयान पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जो लोग सरकारें गिराने के बेबुनियाद दावे करते रहते हैं और सत्ता बदलने के लिए साजिशें रचते हैं, उनका महत्व लगातार कम होता जा रहा है। जनता उन्हें पहले ही नकार चुकी है, और उनकी हताशा अब साफ तौर पर दिखाई दे रही है। वे अच्छी तरह जानते हैं कि सरकार को अस्थिर करने की उनकी कोशिशें और सत्ता बदलने की उनकी साजिशें असल में उनके अपने ही पतन की पटकथा लिख रही हैं। इससे उनकी बची-खुची थोड़ी-बहुत राजनीतिक जमीन भी और कमजोर होती जा रही है।
यूपी सरकार की तारीफ करते हुए नकवी ने कहा कि यह सच है कि पहले उत्तर प्रदेश में दंगाई, बाहुबली, अपराधी और उपद्रवी एक समानांतर व्यवस्था चलाते थे, और उस समय की सरकार उन्हें संरक्षण और सुरक्षा देती थी। योगी और भाजपा के सत्ता में आने के बाद, दंगाइयों, बाहुबलियों और अपराधियों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई ने समाज में सुरक्षा और सौहार्द सुनिश्चित किया है।
इसी बीच, सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर वीएचपी के महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि भारत से बेहतर कोई उदाहरण नहीं है कि सत्ता का बदलाव कितनी शांतिपूर्ण तरीके से हो सकता है। यह लोकतंत्र और चुनावों के जरिए होता है। यहां तक कि जो लोग खुद को सबसे ऊपर और सबसे ताकतवर शासक मानते थे, उन्हें भी इस देश की जनता ने सत्ता से हटा दिया है। अगर कोई भारत में बांग्लादेश या नेपाल जैसी स्थिति दोहराने या यहां अराजकता फैलाने का सपना देख रहा है, तो ऐसा संभव नहीं है। देश इन आराजक तत्वों को पहचान रहा है। इनका भविष्य अंधकार में है।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी की पार्टी (एआईटीसी) के सांसद कीर्ति आजाद ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि रैली की सफलता अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि केंद्र सरकार के बड़े बड़े मंत्री आज सड़क पर यात्रा निकालने को मजबूर हो गए हैं। पूरे देश के लोग इनके विरोध पर खड़े हैं, नितिन नवीन और सीएम सुवेंदु अधिकारी ने यात्रा निकाली।
–आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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