स्वरोजगार को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही योगी सरकार

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लखनऊ, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। योगी सरकार की हितकारी योजनाओं से आज उत्तर प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन रहा है। यह योजनाएं स्वरोजगार को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए जनपद इटावा के गाड़ीपुरा निवासी बिलाल हसन ने सरकारी योजना के सहयोग से खुद का कारोबार खड़ा किया है। बिलाल हसन ने बताया कि उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी लेकर ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत 10 लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया। योजना के माध्यम से मिली सरकारी वित्तीय सहायता से उन्होंने अपना प्रिटिंग प्रेस…

लखनऊ, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। योगी सरकार की हितकारी योजनाओं से आज उत्तर प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन रहा है। यह योजनाएं स्वरोजगार को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए जनपद इटावा के गाड़ीपुरा निवासी बिलाल हसन ने सरकारी योजना के सहयोग से खुद का कारोबार खड़ा किया है।

बिलाल हसन ने बताया कि उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी लेकर ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत 10 लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया। योजना के माध्यम से मिली सरकारी वित्तीय सहायता से उन्होंने अपना प्रिटिंग प्रेस और फ्लेक्स का व्यवसाय शुरू किया। वित्तीय सहायता और सरकारी सहयोग मिलने पर उन्होंने अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक स्थापित किया और लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।

अपने उद्यम के माध्यम से बिलाल हसन न केवल आत्मनिर्भर बने, बल्कि आज वे 50 से 60 हजार रुपए महीना कमाई कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 5 अन्य लोगों को रोजगार देकर उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूती दी है।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संचालित ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए एक सशक्त पहल बनकर उभरी है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आसान ऋण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि युवा खुद रोजगार देने वाले भी बन रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिल रही है।

‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम 25 लाख रुपए तक का ऋण तथा सेवा क्षेत्र में अधिकतम 10 लाख रुपए तक का ऋण कुल परियोजना लागत के अनुसार अनुदान भी सब्सिडी के रूप में दिया जाता है। इच्छुक व्यक्ति जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी लेकर इस योजना का लाभ ले सकता है और उद्यमी बनने का सपना साकार कर सकता है।

–आईएएनएस

डीकेपी/

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