तेलंगाना के सिरसिल्ला जिले के कोनायिपल्ली गांव से एक सोचने पर मजबूर करने वाली और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक परिवार में संपत्ति का विवाद इस कदर बढ़ गया कि पिता की मौत के बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। हैरानी की बात यह है कि घर में पिता का शव रखा रहा और परिवार के सदस्य संपत्ति को लेकर आपस में उलझे रहे। आखिरकार, तीन दिन बाद मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
आखिर क्या है पूरा मामला?
सोमवार रात तेलंगाना के रहने वाले 80 वर्षीय कोंकटी चंद्रैया की मौत हो गई। उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। आमतौर पर ऐसे समय में परिवार के सदस्य एकजुट होते हैं और अंतिम संस्कार की तैयारियां करते हैं। सभी मिलकर अपने प्रियजन को आखिरी विदाई देते हैं। लेकिन चंद्रैया के परिवार की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। जानकारी के मुताबिक, पिता की मौत के बाद परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि अंतिम संस्कार में भी देरी होती रही। तीन दिनों तक शव घर में रखा रहा। इसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा हो रही है। आमतौर पर किसी अपने की मौत के बाद परिवार के सदस्य एकजुट होकर उन्हें अंतिम विदाई देते हैं, लेकिन इस मामले में संपत्ति विवाद के कारण अंतिम संस्कार में देरी होने की बात सामने आई है।
पुलिस ने कराया शव का अंतिम संस्कार
आस-पास के लोगों और बुजुर्गों ने परिवार के सदस्यों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, इसके बावजूद उनके बीच संपत्ति को लेकर सहमति नहीं बन सकी। आखिरकार, पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने बुधवार देर रात मृतक का अंतिम संस्कार कराया। एक तरफ घर में अपने प्रियजन को खोने का दुख था, तो दूसरी तरफ डेढ़ एकड़ खेत और एक मकान को लेकर विवाद चल रहा था। आखिर संपत्ति को लेकर ऐसा क्या हुआ कि एक बुजुर्ग को अंतिम विदाई देने में तीन दिन लग गए?


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