नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। 31 मई को साल का दूसरा फुल मून यानी ब्लू मून दिखाई देगा। यह खूबसूरत चांदनी रात फोटोग्राफर्स के लिए सुनहरा मौका है। चांद को देखकर सिर्फ आनंद ही न लें, बल्कि उसे हमेशा के लिए अपने कैमरे में भी कैद कर लें। चाहे आप शुरुआती फोटोग्राफर हों या अनुभवी, अगर आप भी चांद की यादगार और परफेक्ट तस्वीरें खींचना चाहते हैं तो अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की मून फोटोग्राफी गाइड आपके काम आ सकती है।
वास्तव में आसमान में शांति से दिखते चांद को कैमरे में कैद करना उतना आसान नहीं होता। थोड़ी सी जानकारी, सही सेटिंग्स और थोड़ी प्रैक्टिस से आप भी चांद की बेहतरीन तस्वीरें ले सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए महंगे उपकरण खरीदने की जरूरत नहीं है। शुरू में अपने पास मौजूद कैमरे या फोन से ही बेहतरीन तस्वीरें ले सकते हैं।
सबसे पहले तय करें कि आप किस तरह की तस्वीर लेना चाहते हैं। क्या चांद को पेड़ों के बीच सिल्हूट के रूप में दिखाना है, या क्षितिज के पास नारंगी चांद को कैद करना है? या फिर पूरे महीने चांंद के बदलते रूप (फेसेज) दिखाना चाहते हैं? डिजिटल कैमरा (डीएसएलआर या मिररलेस) फोन की तुलना में बेहतर विकल्प देता है। अगर आपके पास डीएसएलआर है तो उसे इस्तेमाल करें। इसके लिए तस्वीरें आरएडब्ल्यू मोड में लें, ताकि बाद में आसानी से एडिट कर सकें।
चांद की फोटो लेने के लिए कैमरे को मैन्युअल मोड पर रखें। वहीं, तीन मुख्य सेटिंग्स पर ध्यान दें, अपर्चर (एफ-स्टॉप), शटर स्पीड (एक्सपोजर टाइम) और आईएसओ। अपर्चर रोशनी कितनी अंदर आएगी, यह तय करता है, शटर स्पीड रोशनी कितनी देर तक अंदर रहेगी यह तय करता है और आईएसओ कैमरे की रोशनी के प्रति संवेदनशीलता को तय करता है।
नासा की गाइड में सबसे आसान नियम ‘लूनी 11’ है। अपर्चर को एफ/11 पर सेट करें। फिर आईएसओ और शटर स्पीड को एक जैसा रखें। उदाहरण के लिए आईएसओ 100 → शटर स्पीड 1/100 सेकंड, आईएसओ 200 → शटर स्पीड 1/200 सेकंड। वहीं, कम आईएसओ के लिए 100 से शुरू करें, क्योंकि चांद बहुत चमकदार होता है। तस्वीर खींचकर देखें और सेटिंग्स में बदलाव करके बेहतर नतीजे पाएं।
चांद की फोटोग्राफी में “लकी इमेजिंग” बहुत महत्वपूर्ण है। एक अच्छी तस्वीर पाने के लिए सैकड़ों तस्वीरें खींचना जरूरी है। कुछ तस्वीरों में चांद सही फोकस में कैमरा बिना हिले और वातावरण स्थिर होगा। बाद में कंप्यूटर पर एडिटिंग करके तस्वीरों को और बेहतर बनाया जा सकता है।
अगर आपके पास टेलीस्कोप है तो चांद के क्रेटर, पहाड़ और गड्ढे साफ-साफ कैद कर सकते हैं। फोन या कैमरे को टेलीस्कोप के आईपीस पर लगाकर भी फोटो ली जा सकती है। इसमें थोड़ी प्रैक्टिस लगती है। अन्य उपयोगी टिप्स पर नजर डालें तो ट्राइपॉड का इस्तेमाल करें ताकि कैमरा हिले नहीं। चांद को फ्रेम करने के लिए वाइड लेंस या टेलीफोटो लेंस का इस्तेमाल करें। मौसम साफ हो तो ही बाहर निकलें।
–आईएएनएस
एमटी/डीकेपी
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